संवाददाता साबीर अंसारी
बांकीमोंगरा :– एस ई सी एल अस्पताल सुराकछार बाकी मोगरा के वर्तमान के सी. एम. ओ. इंचार्ज के द्वारा आस-पास के गरीब व गैर कर्मचारी (प्राइवेट) मरीजों को ईलाज की सुविधा प्रदान करने में आना कानी करना, मरीज के परिजन से पहले 2000 रुपए जमा करवाया जाना और राशि जमा कराने में असमर्थ होने पर इलाज न कर वापस कर देने जैसे कृत्य, और स्टाफ की मनमानी को देख पार्षद अश्वनी मिश्रा ने उपक्षेत्रीय प्रबंधक सूराकछार बलगी, बाकी उपक्षेत्र एसईसीएल को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें पार्षद ने इस समस्या से अवगत कराते हुए लिखा कि कोल इंडिया “महारत्न” कंपनी है, इस ई सी एल बांकी मोगरा के मुख्य अस्पताल में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है।
X-Ray का चार्ज लेने के बावजूद भी X-Ray की फिल्म नहीं दी जाती है। कोई मरीज इनकी मनमानी पर बात करता है तो उनको सीधे लफ्जों में यह बताया जाता है कि वर्तमान CMO इंचार्ज डॉ. अजय कुमार के द्वारा निर्देश दिया गया है इसपर हम कुछ नहीं कर सकते।

- सरकार की तरफ से “गोल्डन आवर” जैसे बहुत सारे नियम बनाये गये हैं इन सभी नियमों की यहाँ अनदेखी की जा रही है।
इंचार्ज के आदेशानुसार किसी आम नागरिक को भले ही वह कितनी भी गंभीर स्थिति में हो एम्बुलेंस और मर्चुरी की सुविधा भी नहीं दी जाती है। इस सुविधा को पाने के लिए लोगों को किसी ऊंचे पद पर बैठे अधिकारी या बड़े नेता का सहारा लेना पड़ता है। इससे पहुंच रखने वालों के काम तो बन जाते है पर गरीब मरीजों को बड़ी परेशानियों से गुजरना पड़ता है।
पार्षद अश्वनी मिश्रा ने यह भी लिखा कि जानकारी अनुसार आयुष्मान से इम्पैनलमेंट होने के बावजूद भी आयुष्मान कार्ड के अंतर्गत आम नागरिकों को इलाज की सुविधा देने के बजाय उनसे कैश डिपॉजिट करने की माँग की जाती है। पैसे भरने के बावजूद भी दवाइयाँ मुहैया नहीं की जाती हैं, जिसके वजह से मरीजों को मजबूरी में बाहर से दवा लेना पड़ता है वो भी चिकित्सक अनुसार उनके चिन्हांकित मेडिकल से।
पार्षद मिश्रा ने प्रबंधन का ध्यानाकर्षण कराते हुए निवेदन किया कि अस्पताल में तकनीकी मशीनों की और ICU बेड की व्यवस्था के साथ साथ अस्पताल इंचार्ज और स्टाफो के द्वारा की जा रही मनमानी को संज्ञान में लेकर जांच कर उचित कार्यवाही करें।
अब देखना ये है कि पार्षद अश्वनी मिश्रा के शिकायत पर उपक्षेत्रीय प्रबंधक सूराकछार बलगी, बाकी उपक्षेत्र एसईसीएल प्रबंधन कब तक सुविधा की ओर ध्यान देती है और कब तक इनके द्वारा की जा रही मनमानी पर लगाम कसती है।
