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कोरबा में पार्षदों ने अस्पताल प्रबंधन को दिया बेशरम फूल:कीचड़ भरे रास्ते के कारण लोग हो रहे हादसे का शिकार, 6 से अधिक घायल

कोरबा। कोरबा जिले में SECL अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही हॉस्पिटल मैनेजमेंट को बेशरम फूल का गुलदस्ता भेंट किया। वहीं, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ठेकेदारों की मनमानी चरम पर है। शाम होते ही गेट नंबर दो में ताला जड़ दिया जाता है।

बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद में गुरुवार को हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला गया। नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने बताया कि एक कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके शव को कचरे की गाड़ी में ले जाया गया। स्थानीय लोगों को अस्पताल में इलाज की सुविधा नहीं मिलती है।

नेता प्रतिपक्ष ने की ये मांगें

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इमरजेंसी में मरीजों को निजी अस्पताल या कोरबा जाना पड़ता है। इस दौरान कई बार मरीजों की मौत भी हो जाती है। उनकी मांग है कि प्राइवेट मरीजों को एम्बुलेंस की सुविधा दी जाए। दवाई खरीद में कमीशनखोरी बंद हो। इसके अलावा उन्होंने कचरा गाड़ी में शव ले जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की है।

सीएमएचओ एसईसीएल को पत्र सौंपा गया।

सीएमएचओ एसईसीएल को पत्र सौंपा गया।

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

इन सभी मांगों को लेकर सीएमएचओ को पत्र सौंपा गया है। जबकि ​मौके पर मौजूद अधिकारी ने और भी सुविधाएं देने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा दांव पर

शहर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा दांव पर लग रही है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से पिछले एक सप्ताह में 6 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। रात 8 बजे के बाद ट्रामा वार्ड के सामने स्थित गेट नंबर 2 में ताला लगा दिया जाता है। गेट नंबर 1 खुला रहता है। लेकिन वहां निर्माणाधीन भवन के सामने पक्की सड़क पर भारी मात्रा में गिट्टी रखी गई है।

निर्माणाधीन भवन के सामने गिट्टी रखी गई है।

मरीज और परिजनों को कच्ची सड़क का इस्तेमाल करना पड़ता है

साथ ही कई छोटे-बड़े वाहन भी खड़े रहते हैं। मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल पहुंचने के लिए नर्सरी के भीतर बनी कच्ची सड़क का इस्तेमाल करना पड़ता है। लगातार बारिश के कारण यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भरा रहता है।

ये हो चुके हैं हादसे की शिकार

कीचड़ भरी सड़क पर फिसलने से चमेली बाई, पुरानी बस्ती के विजय, कृष्णा और रमेश राजवाड़े को चोटें आई हैं। करीब चार साल पहले मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जिला अस्पताल का अधिग्रहण किया था। पहले अस्पताल की सफाई जीवन दीप समिति के कर्मचारी करते थे और सुरक्षा के लिए नगर सैनिक तैनात थे। अब साफ-सफाई, सुरक्षा सहित अन्य कामकाज ठेकेदारों के हवाले कर दिए गए हैं।

कीचड़ भरा रास्ता।

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