कोंडागांव, एजेंसी। कोंडागांव में पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने बस्तर फाइटर और जिला बल में आरक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 15 बेरोजगार युवाओं से 25 लाख 30 हजार रुपए ठग लिए।
मामले में पुलिस ने CRPF जवान शत्रुघ्न टंडन और उसके सहयोगी बुध सिंह मरकाम को गिरफ्तार किया है। यह मामला फरसगांव थाना क्षेत्र का है।

CRPF जवान ने पुलिस में ऊंची पहुंच बताकर फंसाया
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी शत्रुघ्न टंडन खुद CRPF में जवान है। उसने अपनी सरकारी नौकरी और पुलिस विभाग में ऊंची पहुंच होने की बात कहकर बेरोजगार युवाओं को भरोसे में लिया। इसके बाद उन्हें बस्तर फाइटर और जिला बल में आरक्षक की नौकरी लगवाने का झांसा दिया गया।
आरोपी युवाओं से नौकरी लगवाने के नाम पर पहले एडवांस रकम लेते थे। उन्हें भरोसा दिया जाता था कि नौकरी लगने के बाद बाकी रकम देनी होगी। सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में कई युवाओं ने आरोपियों को पैसे दे दिए।
पैसे के साथ जरूरी दस्तावेज भी लिए
आरोपियों ने युवाओं से पैसे लेने के साथ उनके जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए थे। इनमें आधार कार्ड, अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र और स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज शामिल थे।
काफी समय बीतने के बाद भी जब युवाओं की नौकरी नहीं लगी तो उन्हें अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की। मामले में फरसगांव और कोंडागांव सिटी कोतवाली थाने में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए।
तीन महीने तक चली जांच, बैंक खातों से मिले सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा के निर्देशन में विशेष पुलिस टीमें बनाई गईं। फरसगांव एसडीओपी अभिनव उपाध्याय और कोंडागांव एसडीओपी रूपेश कुमार के नेतृत्व में टीमों ने जांच शुरू की।
पुलिस ने करीब तीन महीने तक मामले की जांच की। इस दौरान पीड़ितों और आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेन-देन की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि युवाओं से कितनी रकम ली गई और पैसे का इस्तेमाल कहां किया गया।
इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। मोबाइल से मिले डेटा के आधार पर उनके संपर्कों और आपसी बातचीत के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान पुलिस को ठगी के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले।
बिलासपुर और फरसगांव से पकड़े गए आरोपी
जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शत्रुघ्न टंडन को बिलासपुर के देवरीखुर्द, तोरवा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वहीं उसके सहयोगी बुध सिंह मरकाम को फरसगांव के भरीपारा से पकड़ा गया।
पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस ठगी में इनके अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
दस्तावेजों की फाइल, डायरी और रजिस्टर बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, पीड़ित युवाओं के दस्तावेजों की फाइल, डायरी और रजिस्टर भी बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, इन दस्तावेजों और रजिस्टरों की जांच से ठगी के शिकार हुए अन्य युवाओं और पैसों के लेन-देन से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
