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101 श्रद्धालुओं को श्याम की टोली छग के द्वारा कराया गया राधा रानी, बाबा श्याम के दर्शन। 03 राज्य 13 जिलों की अनोखी यात्रा रहीं बड़ी दिलचस्व। देखे पूरी ख़बर…

संवाददाता साबीर अंसारी

कोरबा/बाँकी मोगरा:– ज्यादा से ज्यादा श्याम प्रेमियों को बाबा के दरबार तक ले जाया जा सके इसका प्रयास श्याम की टोली छग के द्वारा किया जा रहा हैं। श्याम की टोली द्वारा आयोजित की जाने वाली विशाल धार्मिक यात्रा मुख्य रूप से रेल मार्ग से कराई जाती हैं, टोली द्वारा चतुर्थ विशाल धार्मिक यात्रा 1 जुलाई 25 से 8 जुलाई 2025 तक कि आयोजित की गई थी, प्रेमियों के आने जाने रहने खाने की पूरी व्यवस्था समिति द्वारा की गई थी, यहाँ बताना लाज़मी होगा कि श्याम की टोली के रितेश अग्रवाल, अमन गोयल के लगभग 02 माह के अथक प्रयास से यहाँ विशाल यात्रा सम्भव हुआ। यात्रा में मध्यप्रदेश, ओडिशा, झारखंड सहित छग के कोरबा, रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर-चम्पा, रायगढ़, शक्ति, दुर्ग, सूरजपुर सहित अन्य जगहों से कुल 101 श्रद्धालुओं ने यात्रा की।

8 दिवसीय यात्रा का शुभारंभ भक्तों ने वृंदावन की रसमयी गलियों से किया। पहले तीन दिन भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमियों — वृंदावन, बरसाना, गोकुल, एवं मथुरा में दर्शन कर भक्ति रस में सराबोर अनुभव किया। इसके उपरांत यात्रा मेहंदीपुर बालाजी के पावन दर्शन हेतु अग्रसर हुई, जहाँ बालाजी महाराज के चरणों में विशेष हनुमान चालीसा पाठ एवं आरती का आयोजन हुआ।अंत में सभी श्रद्धालु खाटू श्याम धाम पहुँचे, जहाँ बाबा श्याम के दरबार में भजन, संकीर्तन और रात्रिकालीन जागरण का दिव्य आयोजन हुआ। भक्तों ने बाबा श्याम के दरबार में अपने मन की मुरादें रखीं और नयनाभिराम दर्शन का सौभाग्य पाया।

रिंग्स पहुँच कर सभी श्रद्धालुगण ने बाबा का निशान उठा कर रिंग्स से खाटू 18 किलोमीटर की पदयात्रा कर श्याम बाबा को निशान अर्पण किया और बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई । इसके बाद सभी श्रद्धालु पुष्कर में ब्रह्मा जी के दुर्लभ मंदिर और अजमेर पहुँचे, जहाँ एकता और प्रेम का संदेश और भी प्रबल हुआ। अंततः यह पावन यात्रा बिलासपुर पहुँचकर स्नेह, भक्ति और सौहार्द के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

यह यात्रा न केवल तीर्थ दर्शन का माध्यम रही, बल्कि आत्मिक शांति, समर्पण और भक्तिभाव का अमूल्य अनुभव भी बनी। 07 जुलाई को प्रेमियों की वापसी हुई। इस यात्रा में समिति के लिये सौभाग्य की बात ये रही की 45 प्रेमियों को पहली बार बाबा के दर्शन का सौभाग्य मिला। सभी श्याम प्रेमियों को यात्रा अत्यंत आनंदमय लगा, अनेक श्याम प्रेमियों ने अगले यात्रा के लिए अभी से ही अपना नाम समिति की दे दिया एवं समिति की भरपूर तारीफ़ की गई।

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