कोरबा/दीपका। नगर पालिका परिषद दीपका के अंतर्गत पाली रोड में लंबे समय से संचालित शराब दुकान (दारू भट्टी) को तहसील रोड एवं गोवरघोरा वार्ड क्रमांक 01 में स्थानांतरित किए जाने के शासन-प्रशासन के प्रयास का स्थानीय स्तर पर प्रखर विरोध शुरू हो गया है। वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद कमलेश कुमार जायसवाल ने इस संवेदनशील जन-मुद्दे को लेकर कलेक्टर – कोरबा को एक औपचारिक आपत्ति पत्र सौंपकर इस दुर्भावनापूर्ण स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से स्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग की है ।

पार्षद कमलेश जायसवाल ने अत्यंत चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस मदिरा दुकान को घनी आबादी वाले वार्ड क्रमांक 01 और तहसील रोड के समीप खोला जाता है तो इससे क्षेत्र की शांति-व्यवस्था पूरी तरह भंग हो जाएगी। इस निर्णय से स्थानीय निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) बाहुल्य वर्ग के हितों और सुरक्षा को भारी क्षति पहुंचेगी। शराब दुकान के कारण क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ेगा, जिससे आए दिन अप्रिय घटनाएं होने की प्रबल आशंका बनी रहेगी ।
मदिरा दुकान स्थानांतरण के विरोध में मुख्य व अकाट्य बिंदु
- नौनिहालों के भविष्य पर संकट:- प्रस्तावित शराब दुकान प्राथमिक शाला बिंझवार पारा स्कूल के मात्र 100 मीटर के दायरे में आ रही है, जिससे स्कूली बच्चों के मानस पटल पर अत्यंत विपरीत प्रभाव पड़ेगा ।
- सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील:- प्रस्तावित स्थल के महज 100 मीटर की दूरी पर गैस एजेंसी और 200 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप संचालित हैं, ऐसे ज्वलनशील व संवेदनशील प्रतिष्ठानों के पास दारू भट्टी का होना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा है ।
- शासकीय कार्य व जन-आस्था को ठेस:- यह स्थल तहसील कार्यालय से बेहद निकट है जिससे शासकीय कार्यों में बाधा आएगी, इसके साथ ही स्थानीय पूर्वजों की आदिशक्ति मां मरकी माता का पवित्र मंदिर (0.5 मीटर) और पूर्वजों का पूजनीय देवस्थल ढोढ़ी (0.2 मीटर) भी इसके बिल्कुल करीब हैं, जिससे जन-आस्था और धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचेगी ।
- बीच बस्ती में स्थान:- यह पूरी तरह से घनी रिहायशी बस्ती से लगा हुआ क्षेत्र है, जहां महिलाओं और बेटियों का सुरक्षित आवागमन दूभर हो जाएगा ।
पार्षद जायसवाल ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जनभावनाओं, धार्मिक आस्था और बच्चों के भविष्य को दरकिनार कर इस दारू भट्टी को जबरन हमारे गांव/वार्ड में संचालित करने का प्रयास किया गया तो समस्त वार्डवासी और क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी, इस जन-आंदोलन और चक्काजाम से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-अव्यवस्था की स्थिति और अप्रिय परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं स्थानीय प्रशासन की होगी ।
इस आपत्ति पत्र की प्रतिलिपियाँ उचित एवं त्वरित दंडात्मक व निरोधात्मक कार्रवाई हेतु दीपका तहसीलदार तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नगर पालिका परिषद दीपका को भी प्रेषित कर दी गई हैं, ताकि समय रहते इस जनविरोधी निर्णय को बदला जा सके ।
