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सूरजपुर में हाथी की मौत…केंद्र ने राज्य-सरकार से मांगी रिपोर्ट:एक्टिविस्ट की शिकायत पर एक्शन,पिछले 7 सालों में 63 हाथियों की जा चुकी है जान

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के करंजवार में 13 मार्च की सुबह खेत में 15 साल के हाथी की मौत के मामले में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। वन्यजीव एक्टिविस्ट अजय दुबे की शिकायत के बाद पर्यावरण, वन-जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (प्रोजेक्ट एलीफेंट डिवीजन) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जानकारी तलब की है।

मंत्रालय ने प्रमुख मुख्य वन संरक्षक को पत्र जारी कर जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को गांव से करीब 200 मीटर दूर एक खेत में हाथी का शव मिला था। हाथी की सूंड पर काले निशान पाए जाने से करंट लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का अब तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है।

आंकड़ों की बात की जाए तो सरगुजा संभाग में पिछले सात सालों में अलग-अलग कारणों से 63 हाथियों की मौत दर्ज की गई है।

मंत्रालय ने प्रमुख मुख्य वन संरक्षक को पत्र जारी कर जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्रालय ने प्रमुख मुख्य वन संरक्षक को पत्र जारी कर जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मौत के कारणों की पुष्टि नहीं

हाथी की मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है। आसपास करंट लगाए जाने के कोई स्पष्ट संकेत भी नहीं मिले हैं, जिस स्थान पर हाथी का शव मिला, वहां कोई संदिग्ध परिस्थिति नजर नहीं आई। ऐसे में मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

हाथी की सूंड के पास हल्का काला निशान जरूर दिखाई दिया है, लेकिन केवल देखने के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि यह निशान करंट लगने से ही हुआ है।

7 साल में 40 हाथियों की करंट से मौत

सूरजपुर जिला सहित पूरे सरगुजा संभाग में पिछले सात सालों में अलग-अलग कारणों से 63 हाथियों की मौत दर्ज की गई है। इनमें से 40 हाथियों की मौत केवल करंट की चपेट में आने से हुई है।

वन विभाग इस समस्या को देखते हुए बिजली विभाग के साथ समन्वय कर जंगलों में बिजली के खंभों और लाइनों को सुधारने का कार्य कर रहा था, लेकिन सुरक्षा के लिए विभाग के पास कोई ठोस और प्रभावी योजना भी नजर नहीं आ रही है।

सात सालों में अलग-अलग कारणों से 63 हाथियों की मौत हुई है। (AI जेनरेटेड फोटो)

सूरजपुर में पहले भी करंट से हुई हैं मौतें

जिले में पहले भी करंट लगने से हाथियों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। साल 2024 में धुरिया गांव के पास घुई जंगल में तस्करों ने एक दंतैल हाथी को करंट लगाकर मार दिया था। आरोपियों ने जंगल में लाइव वायर बिछाकर उसे फंसाया, जिससे उसकी मौत हो गई।

इस मामले में पुलिस और वन विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं, साल 2022 में दरहोरा गांव के पास सूरजपुर वन क्षेत्र में एक मादा हाथी की भी करंट लगने से मौत हुई थी।

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