कोरबा। कोरबा जिले की जनपद पंचायत पाली में पदस्थ सचिव राजकुमार कश्यप की अनशन में बैठने के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना के बाद सचिवों में जमकर शासन-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। शासकीयकरण की मांग को लेकर सचिव अब अनशन पर बैठ गये हैं और शासन के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है, जबकि सचिवों का कहना है कि भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी के तहत सचिवों का शासकीयकरण का वादा किया था। शासन द्वारा ध्यान नहीं दिये जाने के बाद सचिव पहले हड़ताल पर थे और इसके बाद अनशन प्रारंभ कर दी। जनपद पंचायत पाली परिसर में अनशन पर बैठे सचिवों के साथ राजकुमार कश्यप भी अनशन पर थे, तभी उनकी तबियत बिगड़ी और अचानक मौत भी हो गई।

कोरबा में हड़ताल पर बैठे सचिव की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सचिव की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार को चुनावी वादों की याद दिलाने सचिव क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिसमें शासकीयकरण प्रमुख मांग है।
जानकारी के मुताबिक सचिव की अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें विनायक हॉस्पिटल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक राजकुमार कश्यप कुटेलामुंडा में सचिव के पद पर पदस्थ थे। वे उड़ता गांव के रहने वाले थे, जहां उनकी पत्नी और बच्चे हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जिनका रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं सचिवों में आक्रोश है।
