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बकाया राशि भुगतान की मांग: 3048 राइस मिलर्स आंदोलन पर:छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बोले- अफसर कर रहे मनमानी, प्रोत्साहन राशि की कम

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने के 6 दिन बाद प्रदेश के 3048 राइस मिलर्स ने बकाया राशि की भुगतान को लेकर असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया है। मिलर्स का आरोप है कि अधिकारी नियमों पर नई शर्तें लगाकर प्रोत्साहन राशि कम कर रहे हैं। जिसके विरोध में मिलर्स ने रजिस्ट्रेशन और बारदाना जमा करने के काम से दूरी बना ली है। मांग जल्द पूरी नहीं करने पर कस्टम मिलिंग नहीं करने और हड़ताल की चेतावनी दी है।

छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान कहा, कि विभागीय अधिकारियों का रवैया राइस मिल कारोबार को बर्बाद करने वाला है। अफसर पैसा जारी नहीं कर रहे हैं, जिससे मिलर्स का कारोबार बर्बाद हो रहा है। कई कारोबारी दिवालिया होने के कगार पर हैं, तो कुछ कर्ज लेकर कारोबार चला रहे हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के सदस्य बैठक में शामिल होकर चर्चा करते हुए।

छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के सदस्य बैठक में शामिल होकर चर्चा करते हुए।

डिप्टी सीएम से दो चरणों में चर्चा, फिर भी नहीं बनी बात

मिलर्स एसोसिएशन ने इससे पहले सीएम साय से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप करने और विभागीय अधिकारियों की मनमानी रोकने की मांग की थी। जिसके बाद डिप्टी सीएम के साथ मिलर्स की दो चरणों में चर्चा हुई, लेकिन बात नहीं बनी।

मंत्री ने बनाई मामले से दूरी

राइस मिलर्स ने अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री से शिकायत की है। कारोबारियों की मांग को लेकर विभाग क्या कर रहा है? ये जानने के लिए भास्कर की टीम जब खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री दयालदास बघेल से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

मार्कफेड अधिकारी बोले राज्य शासन स्तर पर होगा निर्णय

असहयोग आंदोलन पर बैठे कारोबारियों की मांग पूरी कब होगी? मिलर्स के असहयोग से धान खरीदी पर क्या असर पड़ेगा? इस पर चर्चा के दौरान मार्कफेड के डायरेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कहा, कि मिलर्स की मांग की जानकारी राज्य शासन को दे दी गई है।

अभी मिलर्स और सरकार के बीच बातचीत चल रही है। शासन से जो निर्देश मिले हैं, उसके अनुसार धान खरीदी की जा रही है। कारोबारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं। शासन का जो निर्देश होगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में 18 नवंबर तक 14,562 किसानों से करीब 55 हजार टन धान खरीदा जा चुका है।

अब तक 3 लाख टन धान खरीदी

प्रदेश में धान खरीदी 14 नवंबर से शुरू हो गई है जो 31 जनवरी 2025 तक की जाएगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के मुताबिक प्रदेशभर में 19 नवंबर तक 6668 किसानों से 3 लाख टन धान खरीदा जा चुका है।

इस साल कुल 27.68 लाख किसानों ने धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें 1.42 लाख नए किसान भी शामिल हैं। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है, और इसके लिए 2,739 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं।

किसानों की शिकायतों और समस्याओं के निवारण के लिए केंद्रों में हेल्पलाइन नंबर भी लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम नंबर 0771-2425463 पर संपर्क करके किसान अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं।

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