कोरबा। कोरबा में गैर-राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से सौंपा। संगठन ने केंद्र सरकार से दो गंभीर मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पहला मुद्दा एसईसीएल कुसमुंडा में कथित 70 लाख टन कोयले की हेराफेरी का है, जिसकी अनुमानित राशि 2100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की गई है, और ज्ञापन की एक प्रति सीबीआई को भी भेजी गई है।दूसरा मुद्दा बलरामपुर जिले में अफीम की अवैध खेती से संबंधित है। संगठन ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समय रहते करवाई ना होने पर उग्र होगा आंदोलन
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल और जिला संयोजक अतुल दास महंत ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ के संसाधनों और समाज की रक्षा के लिए एकजुट हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका आंदोलन और तेज होगा।
उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा ज्ञापन
जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर के.एल. भारद्वाज ने बताया कि कुसमुंडा में कोयले की हेराफेरी और बलरामपुर जिले में अफीम की अवैध खेती को लेकर ज्ञापन प्राप्त हुआ है, जिसे उच्च अधिकारियों को प्रेषित किया जाएगा।

अफीम की खेती के खिलाफ राष्ट्रपति को ज्ञापन
कोयला घोटाला के खिलाफ ज्ञापन
