नई दिल्ली, एजेंसी। एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार पर इसका खास असर नहीं दिखा। अमेरिका में AI कंपनियों पर सख्त नियमन की आशंका के बीच एआई कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। हालांकि, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी के साथ कारोबार होते हुए नजर आए।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,718.01 (2.17%) अंक की बढ़त के साथ 81,028.02 के स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 493.75 (2.01%) अंक उछलकर 25,030.35 के स्तर पर बंद हुआ। इस उछाल के साथ निफ्टी 9 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा गया।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट का दबाव है। दक्षिण कोरिया का Kospi 8.8% तक टूट गया, जबकि जापान का Nikkei 6.4% और ताइवान का बेंचमार्क इंडेक्स 8.9% तक लुढ़क गया। इस बीच आज Hindalco, Siemens, Voltas, Bosch, Jubilant FoodWorks और Nuvama Wealth Management समेत कई कंपनियां सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। ऐसे में निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों, कंपनियों के नतीजों और बाजार की चाल पर भी रहेगी।
ग्लोबल बाजारों में गिरावट के बावजूद क्यों चढ़ा भारतीय शेयर बाजार?
अमेरिका और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के बावजूद 6 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। इसके पीछे कई वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की वापसी है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में जमकर खरीदारी की है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत को फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। अमेरिका में AI और टेक कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के बाद वैश्विक निवेशक अपना पैसा दूसरे बाजारों में लगाने के विकल्प तलाश रहे हैं। इसका फायदा भारतीय बाजार को मिल सकता है। वहीं, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

