थावे विद्यापीठ ने सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों में हर्ष
कोरबा। थावे विद्यापीठ के कुलाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी (डॉ.) हरिहरानंद सरस्वती के आदेश एवं कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक की अनुशंसा पर कुलसचिव डॉ. पी. एस. दयाल यति ने छत्तीसगढ़ के कोरबा निवासी प्रसिद्ध शिक्षाविद, समाजसेवी एवं कला-संस्कृति संरक्षक डॉ. गजेंद्र तिवारी को हरिद्वार अधिवेशन का संयोजक नियुक्त किया है।
डॉ. गजेंद्र तिवारी का शिक्षा, समाजसेवा एवं कला-संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्हें सौंपी गई इस जिम्मेदारी पर थावे विद्यापीठ परिवार ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके संयोजन में हरिद्वार अधिवेशन सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण एवं सफल रूप से संपन्न होगा।
डॉ. तिवारी के संयोजक बनने की खबर से शिक्षाविदों, समाजसेवियों, कलाकारों, पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों एवं शुभचिंतकों में हर्ष का वातावरण है।
डॉ. विश्वनाथ कश्यप, डॉ. विवेक तिवारी, डॉ. राघवेंद्र दुबे, डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव, विष्णु कुमार तिवारी, डॉ. कार्तिकेश्वर दुबे, शिव आशीष सोनकर, रामदत्त गौराहा, डॉ. भूपेंद्र धर दीवान, डॉ. विनोद कुमार वर्मा, कृष्ण कुमार पटेल, महावीर प्रसाद जायसवाल, अजय कुमार दुबे सहित सैकड़ों लोगों ने डॉ. गजेंद्र तिवारी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए हरिद्वार अधिवेशन की गरिमापूर्ण एवं सफल आयोजन की कामना की है।
विद्यापीठ परिवार एवं शुभचिंतकों ने विश्वास जताया कि डॉ. तिवारी के अनुभव, समन्वय क्षमता एवं सक्रिय नेतृत्व में हरिद्वार अधिवेशन नई उपलब्धियां स्थापित करेगा।
. गजेंद्र तिवारी को मिली इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को उनके शैक्षणिक अनुभव, सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक सक्रियता एवं व्यापक जनसंपर्क का सम्मान माना जा रहा है। शुभचिंतकों एवं विद्यापीठ परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके कुशल समन्वय एवं नेतृत्व में हरिद्वार अधिवेशन अपनी गरिमा, भव्यता और उद्देश्यपूर्ण आयोजन के लिए एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
हरिद्वार अधिवेशन के संयोजक बने डॉ. गजेंद्र तिवारी
