शुभं करोति कल्याणं आरोग्यम गुण: सम्पदाम्।
दुष्ट बुद्धि विनाशाय दीप ज्योति नमोस्तुते।।
की कामना के साथ नमन पाण्डेय ने सपत्नीक ज्योति कलश किए प्रज्ज्वलित
दिव्य मंत्रोच्चार से गूंजा मंदिर परिसर
कोरबा। कोरबा की आराध्य देवी माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के दरबार में शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन ज्योति कलशों को प्रज्ज्वलित किया गया। विद्वान आचार्यों एवं पंडितों के सानिध्य में मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) सपत्नीक शुभ मुहूर्त में ज्योति कलशों को प्रज्ज्वलित किया। लगभग 12000 मनोकामना ज्योति कलशों की दिव्य रोशनी से परिसर जगमग हो उठा।
घट स्थापना के बाद प्रथम दिन शैलपुत्री की पूजा अर्चना

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया कि रविवार 11 अक्टूबर क्वांर शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत् 2083 के शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की गई और उसके बाद शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन माँ शैलपुत्री देवी की पूजा अर्चना की गई। श्री पाण्डेय ने बताया कि माँ शैलपुत्री की पूजा अर्चना से संतान और घर की सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। पूजा अर्चना के बाद दोपहर 12.00 बजे माँ शैलपुत्री को छप्पन भोग अर्पित किया गया। माँ शैलपुत्री को गाय का घी और फल अतिप्रिय हैं। आज ही सुबह 05.00 बजे शैलपुत्री देवी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी का महाश्रृंगार कर पूजा अर्चना की गई। नमन पाण्डेय सहित उपस्थित पंडितों एवं आचार्यों ने माँ की पूजा अर्चना कर भक्तों, कोरबा, छत्तीसगढ़ सहित सार्वभौम के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति के लिए माँ से आशीर्वाद मांगा।
12000 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित
नमन पाण्डेय ने बताया कि इस शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन भक्तों के 12000 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए। वेदी पूजन किया गया और माँ सर्वमंगला का, माँ शैलपुत्री के रूप में पूजन कर विश्व कल्याण के लिए माँ से आशीर्वाद मांगा गया।
श्री पाण्डेय ने बताया कि करीब 10900 तेल मनोकामना ज्योति कलश एवं लगभग 1100 घी ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए।
शैलपुत्री स्वरूपा माँ सर्वमंगला का दर्शन करने उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन माँ श्री सर्वमंगला देवी का दर्शन करने श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर से सड़क तक लम्बी लाईन श्रद्धालुओं की देखी गई। शांति पूर्वक श्रद्धालु कतार में खड़े होकर माँ का दर्शन करने अपनी पारी का इंतजार करते देखे गए। प्रथम दिन शैलपुत्री स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना की गई।
माता के जयकारों से परिसर भक्तिमय
ज्योति कलशों की लालिमा और माता के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। हसदेव नदी के पावन तट पर विराजमान आदिशक्ति जगत जननी माँ श्री सर्वमंगला देवी का दर्शन करने दूर दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की शांतिपूर्ण सख्त सुरक्षा व्यवस्था
माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में नवरात्रि का पर्व आते ही श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी होती है, इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से सख्त सुरक्षा व्यवस्था रहती है। कुसमुंडा थाना और सर्वमंगला पुलिस चौकी के जवान परिसर में तैनात रहते हैं। सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी टीम के साथ सुबह से परिसर में मार्च करते देखे गए।
अदभूत सजावट से मंदिर का दिव्य दृश्य
दीप ज्योति नमोस्तुते
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया कि घर, मंदिर एवं अन्य देव स्थानों में दीप प्रज्ज्वलित करने से मन में सात्विक गुणों का संचार होता है। बुद्धि की दुर्बलता नष्ट होती है और सद्बुद्धि का विस्तार होता है। मनोकामना ज्योति कलशों के प्रज्ज्वलन से क्षेत्र में सत्व का संचार होता है, पर्यावरण शुद्ध होता है और सभी देवी-देवताओं का आह्वान से पूजा स्थल पहुंचकर हमें आशीर्वाद प्रदान करते हैं। मैं समस्त श्रद्धालुओं, धर्म प्रेमियों और भक्तों की ओर से सभी दीप ज्योतियों का नमन करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि सभी के मन में देवगुणों का वास हो और सभी के मस्तिष्क में सद्बुद्धि, सुविचार और मानवीय गुणों अद्भूत संचार हो। घर की कलह दूर हो और सबके घरों में माँ लक्ष्मी और समृद्धि का वास हो।
