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विभागीय टीईटी व पत्राचार से बीएड कराने पर विचार कर रहा शिक्षा विभाग

कोरबा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने और जिन शिक्षकों की सेवा 5 साल से अधिक बची है, उन्हें सेवा में बने रहने दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करने के आदेश से हड़कंप मचा है। जो शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं हैं, उनके लिए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने पहल की है। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग विभागीय टीईटी और पत्राचार से बीएड कराने पर विचार कर रहा है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में ऋतुराज रघुवंशी संचालक डीपीआई, अशोक नारायण बंजारा सहायक संचालक से मुलाकात कर टीईटी के लिए विभागीय सीमित परीक्षा आयोजित करने व पत्राचार के माध्यम से बीएड प्रशिक्षण कराने को लेकर ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोज चौबे ने बताया कि चर्चा में पक्ष रखा गया है कि छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती और सेवा की शर्तें नियम 17 अगस्त 2012 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया है। इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के 1 िसतंबर 2025 को पारित निर्णय में हस्तक्षेप/पुनर्विचार याचिका दायर कर अत्यंत आवश्यक हो तो शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय सीमित परीक्षा आयोजित कर सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा की जाए। विभागीय समिति टेट परीक्षा के िलए संयोजक डीपीआई हों और प्रत्येक जिले के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परीक्षा संयोजक के रूप में विभागीय समिति परीक्षा लें, पदोन्नति के िलए विभागीय समिति परीक्षा पूर्व में भी सफलता पूर्वक आयोजित किया था।

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