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छत्तीसगढ़ में ‘मोन्था’ का असर…बारिश से पुलिया टूटा:कोंडागांव में खड़ी फसल बर्बाद, 2 यात्री ट्रेनें रद्द, तेज हवा चल रही, 27 जिलों में अलर्ट

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘मोन्था’ का असर देखने को मिल रहा है। बस्तर में अचानक हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कहीं खड़ी फसल झुक गई तो कहीं कट चुके धान की बोरियां और ढेर खेतों में भीगकर सड़ने लगे हैं।

वहीं कोंडागांव जिले के ग्राम आदनार में बारिश से “बड़को नाला पुलिया” टूट गया। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। यह पुलिया लिंगोंपथ-मर्दापाल-भाटपाल-नारायणपुर मार्ग को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर स्थित है। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई गई थी।

लगातार बारिश के कारण पुलिया का एक हिस्सा धंस गया और पानी का दबाव बढ़ने से उसका बाकी का हिस्सा भी टूट गया। गनीमत रही कि उस समय कोई वाहन पुल पार नहीं कर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

कोंडागांव जिले के ग्राम आदनार में बारिश से “बड़को नाला पुलिया” टूट गया।

बस्तर से जाने वाली 2 यात्री ट्रेनें रद्द

दंतेवाड़ा, बीजापुर, जगदलपुर, सुकमा और नारायणपुर में पिछले 2 दिनों से ठंडी हवाएं चल रही हैं। वहीं कई इलाकों में रात में हल्की बारिश भी हुई है। इधर, तूफान के चलते ओडिशा और आंध्र प्रदेश तक चलने वाली 2 यात्री ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं। 2 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई है।

वहीं चक्रवाती तूफान की वजह से छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा में झमाझम बारिश हो रही है। जिससे केके रेल लाइन पर चिमड़पल्ली के नजदीक भारी बारिश की वजह से लैंड स्लाइड हो गया है। रेलवे ट्रैक पर ही चट्टान के टुकड़े और मिट्टी धंस गई है। जिससे रेलवे मार्ग बाधित है। हालांकि, यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। लेकिन मालगाड़ियों की आवाजाही बरकरार है।

ये ट्रेनें हुई रद्द और शॉर्ट टर्मिनेट

1. विशाखापट्टनम से छूटने वाली ट्रेन संख्या 18515 विशाखापट्टनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस ट्रेन आज रद्द रहेगी।

2. किरंदुल से छूटने वाली ट्रेन संख्या 18516 किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस ट्रेन रद्द रहेगी।

3. ट्रेन संख्या 18447 भुवनेश्वर से रवाना होने वाली जगदलपुर-हीराखंड एक्सप्रेस रायगढ़ा में ही समाप्त हो जाएगी।

4. ट्रेन संख्या 18448 हीराखंड एक्सप्रेस जगदलपुर की बजाय रायगढ़ा से भुवनेश्वर के लिए रवाना होगी। ये दोनों ट्रेन रायगढ़ा से जगदलपुर के बीच रद्द रहेगी।

हेल्पलाइन नंबर जारी

वाल्टेयर रेलमंडल ने जगदलपुर समेत अन्य प्रमुख स्टेशनों में हेल्पडेस्क भी बनाया गया है। जगदलपुर में स्थापित हेल्प डेस्क में यात्रियों की सुविधाओं के लिए हेल्प लाइन नंबर 08912884714 और 08912884715 नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर यात्री जानकारी ले सकते हैं।

सरगुजा संभाग के क्षेत्रों में बुधवार सुबह से बारिश हो रही है।

सरगुजा संभाग में सुबह से बारिश

सरगुजा संभाग में बुधवार सुबह के वक्त बारिश हुई। यहां 3 दिन बारिश की चेतावनी है। इससे पहले रायपुर सहित कई इलाकों में सुबह तेज हवाएं चलती रही। मौसम विभाग ने आज भी 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना है।

ऑरेंज अलर्ट वाले जिले

बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम और मुंगेली।

यलो अलर्ट वाले जिले

रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलौदा बाजार, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा। इन जिलों में बिजली गिरने और बारिश की संभावना है।

बेमौसम बारिश से धान की फसल को नुकसान होने की संभावना है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 30.2°C (दुर्ग) और न्यूनतम तापमान 19.2°C (पेंड्रा) रिकॉर्ड किया गया।

मंगलवार को अंबिकापुर में जोरदार बारिश हुई है। इससे किसान चिंतित हैं। धान की फसल खराब होने का डर सता रहा है।

बस्तर में 50-60 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा

बस्तर संभाग के जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जिलों में यह प्रभाव ज्यादा रहेगा।

वहीं कल यानी 30 अक्टूबर को बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों के कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के जिलों में 50 से 60 किलों मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी।

तस्वीर बस्तर से लगे पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम की है, जहां तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

अक्टूबर में अब तक 59 फीसदी ज्यादा बारिश

छत्तीसगढ़ से मानसून 15 अक्टूबर तक लौट गया। मानसून सीजन 30 सितंबर को ही खत्म माना जाता है। इसलिए अक्टूबर में होने वाली बारिश को मौसम विभाग सालाना वर्षा के रूप में रिकॉर्ड करता है। इस साल अब तक 1 से 26 अक्टूबर तक 89.4 मिमी पानी गिर चुका है। 26 दिन की औसत वर्षा 56.2 मिमी है। यानी औसत से 59 फीसदी ज्यादा पानी अब तक गिर चुका है।

बारिश का फसलों पर पड़ेगा असर

अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश और तेज हवा का असर फसलों पर पड़ेगा। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा और बारिश के कारण खराब हो सकती है। जिन किसानों की फसल की कटाई हो चुकी है और उन्हें सुरक्षित भंडारण नहीं किया होगा तो फसल के भी भीगने की आशंका है।

कृषि मौसम विभाग ने इस संबंध में किसानों को फसलों को बारिश से बचाने की सलाह दी।

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