कहा- राजनीतिक पक्षपात हो सकता है; सपा सांसद प्रिया सरोज से हुई है सगाई
लखनऊ,एजेंसी। क्रिकेटर रिंकू सिंह से चुनाव आयोग ने ब्रांड एंबेसडर पद छीन लिया है। वह मतदाता जागरूकता अभियान से जुड़े थे। आयोग ने उनसे जुड़ी सभी प्रचार सामग्री को हटाने का आदेश दिया है। इस बारे में जिला प्रशासन को पत्र भी लिखा गया है। रिंकू की जौनपुर की मछली शहर से सपा सांसद प्रिया सरोज के साथ सगाई हुई थी। इसे कारण बताते हुए चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है।
चुनाव आयोग ने कहा- रिंकू की सपा सांसद के साथ सगाई से राजनीतिक पक्षपात हो सकता है। अब उनका जुड़ाव किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ माना जा सकता है। इसलिए सभी सामग्री जैसे- पोस्टर, बैनर, वीडियो और डिजिटल विज्ञापन से रिंकू सिंह की तस्वीरें और नाम हटाए जाएं।
दरअसल, 8 जून को प्रिया और रिंकू की लखनऊ के ‘द सेंट्रम’ होटल में सगाई हुई थी। इसमें सपा प्रमुख और पूर्व CM अखिलेश यादव, डिंपल यादव, शिवपाल यादव, जया बच्चन समेत 20 सांसद पहुंचे थे।

आयोग के फैसले के बाद फैंस में नाराजगी
चुनाव आयोग का कहना है कि हमारे हर सार्वजनिक अभियान में सर्वोच्च प्राथमिकता निष्पक्षता होती है। रिंकू सिंह एक सम्मानित क्रिकेटर हैं, लेकिन उनकी सगाई अब एक सक्रिय राजनीतिज्ञ से हो चुकी है। ऐसे में उनके व्यक्तिगत संबंध सार्वजनिक अभियान की निष्पक्षता पर सवाल उठा सकते हैं।
इस फैसले से रिंकू सिंह के फैंस को झटका लगा है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे ‘जरूरत से ज्यादा सतर्कता’ बताया। वहीं, कुछ का कहना है कि रिंकू की लोकप्रियता का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, लेकिन उन्हें हटाना भी सही कदम नहीं लगता।
आयोग पहले भी कर चुका है बदलाव
यह पहली बार नहीं है, जब चुनाव आयोग ने किसी सार्वजनिक व्यक्ति को अभियान से हटाया हो। इससे पहले भी ऐसे मामलों में, जहां किसी व्यक्ति का राजनीतिक जुड़ाव संभावित रूप से अभियान की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता था। उस पर चुनाव आयोग ने कड़े निर्णय लिए हैं।
रिंकू और प्रिया की ओर से कोई बयान नहीं आया
इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक क्रिकेटर रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, सियासी गलियारों में इस फैसले की चर्चा तेज है, और इसे आगामी चुनावों से पहले आयोग की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
