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1 जुलाई से प्रति यूनिट 20 पैसे बढ़ेगा बिजली बिल:4 हजार करोड़ का घाटा जनता से वसूलने का प्रस्ताव;चिमनी-लालटेन के साथ कांग्रेस का विरोध

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के 64 लाख बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई महीने से बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, CSPDCL ने विद्युत नियामक आयोग को 4550 करोड़ रुपए के घाटे की जानकारी दी है। CSPDCL ने इस घाटे को कवर करने के लिए 20 पैसे प्रति यूनिट तक बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। नया टैरिफ 1 जुलाई से लागू हो सकता है।

इस प्रस्ताव के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ता लालटेन और चिमनी लेकर विद्युत विनियामक आयोग की जनसुनवाई में पहुंचे। ​​​​कांग्रेस ने आरोप है लगाया कि बिजली बिल हाफ योजना से 65 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिल रहा था। बीजेपी सरकार ने इस स्कीम को बंद कर दिया और अब टैरिफ में बढ़ोत्तरी कर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त दबाव डालने जा रहे हैं।

पूर्व विधायक उपाध्याय बोले- कटौती और लो वोल्टेज से आदमी परेशान

इस मौके पर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ एक समय में सरप्लस बिजली उत्पादन करने वाला राज्य था, लेकिन बीजेपी सरकार बनने के बाद बिजली विभाग की हालत बदहाल हो चुकी है।” उन्होंने कहा वर्तमान सरकार में लगातार हो रही कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से आम जनता परेशान है।

सरकारी दफ्तरों पर बिल बकाया, लेकिन परेशान आम लोगों को किया जा रहा

विकास उपाध्याय ने दावा किया कि सरकारी कार्यालयों में अभी तक 15% स्मार्ट मीटर भी नहीं लगे। जबकि आम जनता को स्मार्ट मीटर के नाम पर जबरन परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी विभागों पर 1750 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है, फिर भी कार्रवाई नहीं होती।

इसके उलट आम नागरिक पर 500 रुपए बकाया हो तो विभाग के लोग तुरंत कनेक्शन काटने पहुंच जाते हैं।

जनसुनवाई पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने जनसुनवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया “चोरी-छुपे और बिना प्रचार के की जा रही है” ताकि जनता की आवाज़ सामने न आए।

अब CSPDCL का पक्ष जानिए

CSPDCL की माने तो उसे वर्तमान बिजली आपूर्ति में घाटा हो रहा है। घरेलू, कृषि और छोटे और मध्यम व्यापारिक उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने से भारी वित्तीय दबाव बना हुआ है। हालांकि, यही हवाला देकर पिछले साल जून महीने में दरें बढ़ाई गई थी।

अब आप पर क्या पड़ेगा असर ये भी समझिए

  • उपभोक्ताओं को हर महीने अतिरिक्त रू.15 से रू.50 तक ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
  • पहले से एफपीपीएएस शुल्क में 7.15% की वृद्धि की जा चुकी है ।
  • प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता
  • विरोध प्रदर्शन में गिरीश दुबे, विकास उपाध्याय, प्रमोद चौबे, कन्हैया अग्रवाल, आकाश तिवारी, कमलाकांत शुक्ला, प्रशांत ठेंगड़ी, ईश्वरी नामदेव, संदीप तिवारी, प्रीति सोनी, विकास अग्रवाल, हर्षित जायसवाल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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