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कोरबा और कटघोरा जेल में रक्षाबंधन पर भावुक पल:बहनों ने बंदी भाइयों को बांधी राखी, सामाजिक संगठन भी पहुंचे

कोरबा। कोरबा जिले की जिला जेल और उप जेल कटघोरा में रक्षाबंधन के अवसर पर भावुक क्षण देखे गए। जेल प्रशासन ने जेल मैनुअल के नियमों के तहत बंदी भाइयों के लिए राखी बंधवाने का विशेष आयोजन किया।

कोरबा जिला जेल में बहनों ने अपने बंदी भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे। उन्होंने भाइयों की लंबी उम्र और जल्द रिहाई की कामना की। जेलर अनिमेष साहू ने बताया कि यह कार्यक्रम जेल मैनुअल के तहत एक पारंपरिक आयोजन है।

सहायक जेल अधीक्षक अनिमेष कुमार साहू के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए परिजनों को 10-10 के बैच में प्रवेश दिया गया। सभी सामानों की सघन जांच की गई। बहनों द्वारा लाए गए फल और पैकेटबंद मिठाइयों को जांच के बाद ही अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। सुबह 9 बजे से प्रवेश शुरू हुआ, जो दोपहर 12 बजे तक चला, जबकि मुलाकात दोपहर 2 बजे तक जारी रही।

पूर्व महिला आयोग सदस्य ने 15 बंदियों को बांधी राखी

इस दौरान कोरबा जेलर के मार्गदर्शन में विशेष व्यवस्था की गई थी। पूर्व महिला आयोग सदस्य अर्चना उपाध्याय ने जेल में निरुद्ध 15 बंदियों को राखी बांधी। उन्होंने बंदियों को नशे से दूर रहने, अच्छा आचरण अपनाने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उपाध्याय ने कहा कि रक्षाबंधन विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है।

उप जेल कटघोरा प्रभारी सीमा उराँव ने बताया कि वहां भी यह त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जेल प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, कटघोरा उप जेल में कुल 218 बंदी हैं। वहीं, जिला जेल कोरबा में 14 महिला, 201 पुरुष और 2 बच्चे निरुद्ध हैं। प्रशासन ने बहनों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य किया था।

जेल प्रशासन ने मुफ्त में दी राखी और मिठाई

जेल विभाग ने एक मानवीय पहल करते हुए यह भी सुनिश्चित किया कि यदि कोई बहन राखी या मिठाई नहीं ला पाती है, तो जेल प्रशासन द्वारा उन्हें निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी भाई राखी से वंचित न रहे।

जेल प्रशासन के अनुसार, इस तरह के आयोजनों से बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित होती है और उनका पारिवारिक मूल्यों से जुड़ाव बना रहता है।

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