बीजापुर/ कांकेर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में जवानों ने एनकाउंटर में 4 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें बीजापुर में 2 नक्सली और गढ़चिरौली में 2 महिला नक्सली शामिल हैं। चारों नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। खुफिया इनपुट पर जवानों ने ऑपरेशन चलाया। DIG कमलोचन कश्यप ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।
बीजापुर के गंगालूर इलाके में मारे गए नक्सलियों की पहचान हो गई। एनकाउंटर में गंगालूर एरिया मिलिट्री कमांड सदस्य रघु हपका (33) और पार्टी सदस्य सुक्कु हेमला (32) मारा गया है। रघु पर 5 लाख और सुक्कु पर 2 लाख का इनाम था।
बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि आरोपी सक्रिय हमले और बम बनाने की गतिविधियों में शामिल थे। जांच में पता चला कि ये दोनों पेद्दाकोरमा और मनकेली में ग्रामीण और छात्र की हत्या में भी शामिल थे। इसके अलावा तोड़का निवासी शिक्षा-दूत कल्लू ताती की हत्या की घटना में शामिल रहे हैं।
एनकाउंटर के एक दिन पहले ही नक्सली लीडर अभय ने प्रेस नोट जारी कर कहा था कि सरकार के सामने सरेंडर करने और हथियार डालने को तैयार हैं। अगर सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है, तो वह जेल में बंद नक्सली साथियों से भी राय लेने की अनुमति दे। इस बीच नक्सल संगठन पर पुलिस दबाव न डाले।
बीजापुर के मनकेली जंगल में एनकाउंटर
बीजापुर पुलिस को इनपुट मिला था कि, गंगालूर इलाके के मनकेली जंगलों में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसके बाद डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बटालियन के जवान सर्चिंग अभियान पर निकले थे।
इस दौरान बुधवार दोपहर करीब 3 बजे घात लगाए बैठे नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने भी गोलियां चलाईं। सर्चिंग में 2 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। मौके से एक 303 राइफल, एक बीजीएल लॉन्चर और विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है।
2 नक्सलियों के शव बरामद-

कांकेर-महाराष्ट्र सीमा पर मुठभेड़, 2 महिला नक्सली ढेर
इसके साथ ही कांकेर-महाराष्ट्र सीमा पर गढ़चिरौली जिले के गट्टा जाबिया में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें जवानों ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराया। बताया जा रहा है कि सी-60 और सीआरपीएफ के जवान नक्सल ऑपरेशन पर निकले थे।
इस दौरान मोडास्के के जंगलों में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने गोलीबारी की। जवाबी गोलीबारी में सुरक्षाबलों ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराया। मौके से एके-47, राइफल और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है। महिला नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है।
जवानों ने कांकेर-महाराष्ट्र सीमा पर गढ़चिरौली जिले के गट्टा जाबिया में नक्सली सामग्री भी बरामद की।
सुरक्षा बलों ने मौके से एके47, राइफल और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है। महिला नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है।
गरियाबंद में 11 सितंबर को 10 नक्सली मारे गए
इससे पहले गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को जवानों ने एनकाउंटर में 5 करोड़ के 10 इनामी नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें डेढ़ करोड़ का इनामी नक्सली मोडेम बालाकृष्ण भी शामिल है। मोडेम बालाकृष्ण ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था। मामला मैनपुर थाना क्षेत्र के मटाल पहाड़ी में मुठभेड़ हुई।
मारे गए नक्सलियों में छह पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। मारे गए नक्सलियों में केंद्रीय समिति के सदस्य मनोज उर्फ मोडेम बालाकृष्ण, ओडिशा राज्य समिति के सदस्य प्रमोद उर्फ पांडु, ओडिशा राज्य समिति के सदस्य विमल उर्फ मंगना समीर और पीपीसीएम रजीता शामिल थे।
इसके साथ ही टेक्निकल टीम PPCM अंजली, SDK ACM सीमा उर्फ भीमे, ACM विक्रम, डिप्टी कमांडर उमेश और बीबीएम डिवीजन PM बिमला शामिल थे। इनपर छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सरकार ने 5 करोड़ 22 लाख का इनाम घोषित किया था।
एनकाउंटर के बाद की ये तस्वीरें देखिए…
गरियाबंद में हेलीकॉप्टर से लाए गए नक्सलियों के शव को पिकअप में लोडकर अस्पताल लाया गया।
गरियाबंद में जवानों ने 10 नक्सलियों को जंगल में घेरकर मारा। सभी के शव बरामद।
गरियाबंद में मारे गए सभी नक्सलियों के शवों को रक्षित केंद्र में रखा गया है।
पांव पसारने से पहले नक्सलियों का खात्मा- एडीजी
एडीजी एंटी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने बताया था कि नए जगह पांव पसारने से पहले नक्सलियों का खात्मा कर दिया गया। बड़े नक्सल नेटवर्क को तोड़ा गया। जवानों ने जंगल में घेरकर नक्सलियों को मारा। सभी इनामी नक्सली थे।
एडीजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया था कि ने बताया कि एके-47 राइफल 1, इंसास राइफल 2, SLR राइफल 1, टेटे कार्बन 1, शॉट 2, 12 बोर बंदूक 2, पिस्टल 1 और बड़ी संख्या में विस्फोटक सामग्री बरामद किए गए हैं।
वहीं रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा था कि जवानों ने इसी जगह पर कहा था कि शस्त्र पूजन से पहले रक्त पूजन करेंगे, उन्होंने कर दिखाया। एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि 8 माह पहले हमने सरेंडर की अपील की थी। अब भी कह रहे हैं कि मूल रास्ते से भटके लोग सरेंडर नीति के तहत मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं।
गरियाबंद नक्सल एनकाउंटर की कहानी ?
दरअसल, मारे गए नक्सली मोडेम बालकृष्ण के गार्ड कैलाश ने सरेंडर किया था। इसी से पुलिस को मोडेम के बारे में सीक्रेट जानकारी मिली। कैलाश के बताए ठिकानों में पुलिस ने नजर रखना शुरू किया। लोकेशन कन्फर्म होते ही जवानों की टीम गुरुवार सुबह मैनपुर के कुल्हाड़ी घाट पहुंची।
इस दौरान कुल्हाड़ी घाट से लगे पहाड़ी इलाके मटाल में जवानों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। एनकाउंटर में सेंट्रल कमेटी सदस्य मनोज उर्फ बालन्ना उर्फ मोडेम बालकृष्ण अपने 9 साथियों के साथ मारा गया। एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है।
ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था बालाकृष्ण
गरियाबंद पुलिस ने गुरुवार को मैनपुर के कुल्हाड़ी घाट से लगे पहाड़ी इलाके मटाल में संयुक्त ऑपरेशन चलाया। सुबह से रुक-रुककर कई घंटे तक मुठभेड़ चली। एनकाउंटर में सेंट्रल कमेटी सदस्य मनोज उर्फ बालन्ना उर्फ मोडेम बालकृष्ण अपने 9 साथियों के साथ मारा गया। बालकृष्ण के पास ओडिशा राज्य कमेटी के सचिव की भी जिम्मेदारी थी।
चलपति के मारे जाने के बाद बालकृष्ण को मिली थी जिम्मेदारी
14 जनवरी को चलपति समेत 16 नक्सलियों के ढेर होने के बाद धमतरी, गरियाबंद और नुआपड़ा डिवीजन कमेटी को विस्तार करने की जिम्मेदारी बालकृष्ण को दी गई थी। यह सूचना पुलिस तक आ चुकी थी। बालकृष्ण की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के बाद एसपी निखिल राखेचा ने संयुक्त ऑपरेशन लॉन्च किया था।
बालाकृष्ण तक कैसे पहुंची पुलिस ?
मोडेम 25 साल से सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच रहा था। एजेंसियों के पास बालकृष्ण के जवानी की तस्वीर भर थी। 15 दिन पहले ही मोडेम बालकृष्ण के गार्ड कैलाश नाम के नक्सली ने सरेंडर किया था। उसी से कुख्यात नक्सली मोडेम के बारे में एजेंसी को कई पुख्ता जानकारियां मिलीं।
पुलिस के मुताबिक मोडेम बालकृष्ण कई साल से शुगर की बीमारी से जूझ रहा था। उसके सिर के बाल झड़ गए हैं। उसे चलने के लिए 2 लाठियों का सहारा लेना पड़ता था।
