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सुकमा के पोलमपल्ली जंगल में एनकाउंटर, 1 नक्सली ढेर:हमले करने, IED ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था, कांकेर में SI ने नक्सलियों को खाना खिलाया

सुकमा/कांकेर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जवानों ने एक नक्सली कमांडर को मार गिराया है। जिले के पोलमपल्ली जंगल में सुबह से पुलिस और नक्सलियों के बीच में मुठभेड़ चल रही है। जहां दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग हुई। सुरक्षाबलों की ओर से हुई गोलीबारी में 5 लाख का ईनामी नक्सली को ढेर किया।

मामला पोलमपल्ली थाना क्षेत्र का है। मारा गया नक्सली प्लाटून नं-31 सेक्शन कमांडर PPCM मूचाकी कैलाश है। वह पूलनपाड़ थाना चिंतलनार जिला सुकमा का रहने वाला था। आम नागरिकों की हत्या, हमले और IED ब्लास्ट की साजिश में वांटेड था। फिलहाल जवानों का ऑपरेशन जारी है।

वहीं, एक दिन पहले कांकेर जिले में 3 नक्सलियों ने सरेंडर किया। आत्मसमर्पण की सूचना जब पुलिस को मिली तो परतापुर थाने में पदस्थ SI रामेश्वर चतुर्वेदी खुद उन्हें लेने जंगल पहुंचे थे। जहां सरेंडर से पहले जंगल में उनकों खाना खिलाया। इसका वीडियो भी सामने आया है।

कांकेर में SI रामेश्वर चतुर्वेदी ने सरेंडर करने आ रहे नक्सलियों को खाना खिलाया, खुद भी साथ बैठकर खाए।

सरेंडर करने की अपील

नक्सली खात्में की डेडलाइन में अब सिर्फ 2 दिन ही बचे हैं। बस्तर रेंज के IG सुन्दरराज पट्टलिंगम ने शेष नक्सलियों से अपील की है कि समझदारी से वे सब सरेंडर कर दें।

सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि, जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर DRG टीम ने आज सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग हुई है। सर्चिंग के दौरान एक नक्सली का शव और हथियार बरामद हुआ है।

कांकेर में सरेंडर से पहले नक्सलियों को खिलाया खाना

कांकेर जिले में 28 मार्च को परतापुर एरिया कमेटी के 3 नक्सलियों ने सरेंडर किया। इससे पहले वे जंगल में भूखे प्यासे घूम रहे थे। इसकी सूचना जब परतापुर पुलिस को मिली तो उन्होंने नक्सलियों के लिए खाने पीने की व्यवस्था की।

SI रामेश्वर चतुर्वेदी खुद जंगल पहुंचे थे। समर्पण से पहले नक्सलियों को भर पेट भोजन कराया।

तीनों नक्सलियों ने दो SLR और एक भरमार के साथ जंगल के रस्ते थाने पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। इसके बाद राधिका कुंजाम, संदीप कड़ियाम और रैनु पद्मा ने परतापुर थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण किया।

(टोपी पहने) हंसता हुआ नक्सली लीडर पापाराव। 24 मार्च को जंगल से निकलकर सरेंडर के लिए पहुंचा था।

25 मार्च को पापाराव ने किया था सरेंडर

इससे पहले 25 मार्च को बस्तर में नक्सली लीडर पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। पापाराव बस्तर का आखिरी बड़ा कमांडर था। इसके सरेंडर के बाद कोई बड़ा नक्सली लीडर अब संगठन में नहीं बचा है।

सरेंडर नक्सलियों में 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल थी। नक्सलियों ने 12 लाख कैश समेत 8 AK-47, 1 SLR, 1 INSAS और अन्य हथियार पुलिस को सौंपा था। इसी दिन ओडिशा में भी 55 लाख के इनामी सुकरू ने अपने साथियों के साथ हथियार डाला था। बता दें कि, नक्सलियों के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन तय की गई है।

पापाराव अपने 18 साथियों को भी साथ लाया। जहां उसने बस्तर पुलिस को हथियार सौंपे।

ओडिशा में 55 लाख के इनामी नक्सली का सरेंडर

पापाराव के सरेंडर वाले दिन ही ओडिशा में 5 नक्सलियों ने हथियार डाले थे। इनमें 55 लाख का इनामी सुकरू भी शामिल है। ओडिशा के कंधमाल में केंद्रीय समिति का सदस्य गणेश उइके के एनकाउंटर के बाद सुकरू ने भी आत्मसमर्पण का फैसला लिया।

  1. सुकरू, एससीएम (55 लाख इनामी)
  2. रावा संजय, पी.एम
  3. बनिला, पी.एम
  4. रोनी, पी.एम
  5. कुनी, पी.एम 8वीं कंपनी सीपीआई

ओडिशा में सुकरू समेत 5 नक्सलियों ने भी हथियार डाले थे।

गृहमंत्री बोले- बदलाव के लिए बंदूक छोड़े

गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों को कहा था कि, हाथ में बंदूक रखकर जंगल में ना घूमे। हमारे शिक्षादूतों का गला ना काटे। नदी तालाब सड़क किनारे IED ना बिछाए। हमारे सविंधान को चुनौती ना दें। बदलाव चाहते हैं तो समाज में जनता का बहुमत प्राप्त करें।

पापाराव के बारे में जानिए

पापाराव उर्फ मंगू (56) ये छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वर्तमान में DKSZCM मेंबर है। साथ ही पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य है। अपने पास AK-47 राइफल रखता है। बस्तर के जल-जंगल जमीन से वाकिफ है इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर भाग निकला था।

पापाराव के सरेंडर से नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी लगभग खत्म हो गई है। देवा के सरेंडर करने के बाद अब पापाराव ही एक मात्र ऐसा नक्सली बचा था, जो फाइटर है। बाकी बचे हुए अन्य टॉप कैडर्स के नक्सली उम्र दराज हो चुके हैं। पापाराव के सरेंडर करते ही बस्तर से माओवाद का सफाया तय माना जा रहा है।

बस के जरिए सरेंडर नक्सलियों को जगदलपुर लाया गया था।

साल भर में ऐसे बिखरा संगठन

पिछले साल ही नक्सल संगठन के सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन का सचिव बसवाराजू, गणेश उइके समेत 17 बड़े कैडर्स का एनकाउंटर किया गया। भूपति, रूपेश, रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं।

बस्तर में बटालियन नंबर 1 का कमांडर देवा ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। अब केवल पापाराव ही एक ऐसा नक्सली बचा था, जो लड़ाकू है।

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