उधमपुर,एजेंसी। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बुधवार को सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया। दोनों आतंकवादी गुफा में छिपे हुए थे। सेना ने गुफा को ग्रेनेड से विस्फोट कर उड़ा दिया। एनकाउंटर का वीडियो भी सामने आया है।
इसके बाद एक आतंकवादी का शव गुफा के बाहर था, जबकि दूसरे आतंकी का शव गुफा के अंदर काफी गहराई में मिला। इस ऑपरेशन में जैस का टॉप कमांडर रुबानी उर्फ अबू माविया भी मारा गया। वो इलाके में कई साल से सक्रिय था।
मुठभेड़ मंगलवार को शाम 4 बजे शुरू हुई थी। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के पास से M4 कार्बाइन, AK-47 असॉल्ट राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है।
आतंकियों के एनकाउंटर की तस्वीरें…
दोनों आतंकी गुफा से छिपकर फायरिंग कर रहे थे।
सुरक्षा बलों ने गुफा के एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया।
यह मुठभेड़ करीब 20 घंटे चली। सुरक्षाबलों ने इलाकों को पूरी तरह से घेर लिया।
ऑपरेशन ‘किया’ के तहत सेना की कार्रवाई
व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF का यह जॉइंट आपरेशन था। इसके तहत इलाके की घेराबंदी की गई। इसे ऑपरेशन ‘किया’ नाम दिया गया।
मुठभेड़ मंगलवार को शाम 4 बजे शुरू हुई। आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की। करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी को गोली लगी, लेकिन वह अपने साथी के साथ गुफा के अंदर जाकर छिप गया।
मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे आतंकियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर गुफा से बाहर निकलने की कोशिश की। इस दौरान फिर से फायरिंग हुई और तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। इसके बाद अतिरिक्त सुरक्षाबलों को इलाके में भेजा गया और घेराबंदी और कड़ी कर दी गई।
सुरक्षा बलों ने बुधवार को आतंकियों पर UBGLs (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का इस्तेमाल किया। जिससे एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए।
ऑपरेशन त्राशी-1 अभी भी जारी
उधमपुर के साथ-साथ किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 भी चल रहा है। यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था।
ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान पिछले 15 दिनों में आतंकियों के साथ चार बार मुठभेड़ हो चुकी है। 18 जनवरी को हुए पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई।
