गेवरा/दीपका। एसईसीएल गेवरा की ऊर्जा नगर कॉलोनी की कई आवास बदहाल हो चुकी है। बीती रात आवासीय कॉलोनी में एक मकान की छत के प्लास्टर का हिस्सा गिरने से कोयला कर्मचारी का परिवार के चपेट में नहीं आने से बड़ी घटना टल गई। लगभग 7 साल पहले डिसेंट हाउस स्कीम से कॉलोनी के आवासों की प्रबंधन ने मरम्मत कराई है। हर साल बारिश में इस तरह की घटना सामने आने के बावजूद प्रबंधन गंभीर नहीं है। दीपका एरिया में पदस्थ विद्युत व यांत्रिकी विभाग अनूप दुबे ऊर्जा नगर कॉलोनी गेवरा के आवास क्रमांक बी-1 74 में परिवार समेत रहते हैं। इसी आवास के एक कमरे की छत का प्लास्टर भर-भराकर नीचे गिर गया।
50 फीसदी आवास जर्जर: वेलफेयर मेंबर एसईसीएल गेवरा एरिया वेलफेयर कमेटी के सदस्य राजीव सिंह ने कहा कि गेवरा कॉलोनी में लगभग 3 हजार आवास हैं। इनमें 50 फीसदी आवास जर्जर हालत में हैं। बिलो रेट पर ठेकेदार के काम लेने से गुणवत्तापूर्ण मरम्मत भी नहीं कराई जाती। इससे कर्मचारी परिवार बेहतर आवास की सुविधा से अब तक वंचित है।
