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समय पर खुले स्वास्थ्य केंद्र और चिकित्सक सहित स्टाफ की हो उपस्थिति सुनिश्चित:कलेक्टर

हमर स्वस्थ छत्तीसगढ़ योजना के तहत सितंबर तक शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश

टीकाकरण में प्रगति लाने और स्वास्थ्य केंद्रों को समय पर खोलने के दिए निर्देश

चिकित्सकों को समय पर उपस्थित होकर मरीजों का उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश

कोरबा 31अगस्त 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर प्रगति लाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की हमर स्वस्थ छत्तीसगढ़ योजना के अंतर्गत किए जा रहे स्वास्थ्य परीक्षण में सितंबर माह तक शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जाए। उन्होंने टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, सिकल सेल सहित विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीएमओ एवं बीसीएम को घर-घर जाकर रैंडम स्वास्थ्य जांच करने तथा विभिन्न रोगों की पहचान कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में कलेक्टर ने मीजल्स-रूबेला टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की। अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के नियमित टीकाकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा शत-प्रतिशत पात्र बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक निर्धारित समय पर अस्पताल में उपस्थित होकर मरीजों का उपचार करें। उन्होंने उप स्वास्थ्य केंद्र एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को निर्धारित समय पर खोलने तथा वहां आने वाले मरीजों को नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर समय पर नहीं खुलने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने बीएमओ एवं बीपीएम को शासन की योजनाओं तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की पूरी जानकारी रखने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के अंतर्गत आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले निजी क्लीनिक एवं संस्थानों द्वारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्तर पर लंबित विभिन्न पदों की भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान कार्ड एवं संबंधित स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र एवं छूटे हुए हितग्राहियों के कार्ड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह 1 से 5 तारीख के बीच खाद्य विभाग से 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों की सूची प्राप्त कर मितानिनों के सहयोग से उनके आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य अभियान के रूप में किया जाए।

उन्होंने जन्म एवं मृत्यु से संबंधित जानकारी के आधार पर डाटा का नियमित संधारण करने तथा मृत्यु हो चुके हितग्राहियों के नाम संबंधित योजनाओं के अभिलेखों से नियमानुसार हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शासकीय योजनाओं का डाटा अद्यतन रहे।

कलेक्टर ने आभा आईडी की प्रगति की भी समीक्षा की और इसमें अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पीवीसी कार्ड वितरण की समीक्षा करते हुए सितंबर माह में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने को कहा। उन्होंने सभी सेक्टरवार सुपरवाइजरों की बैठक लेकर पीवीसी कार्ड वितरण की स्थिति तथा शेष बचे कार्डों की जानकारी प्राप्त करने और पात्र हितग्राहियों को कार्ड वितरित करने के निर्देश दिए।

टीबी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने वल्नरेबल जनसंख्या की स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने एक्स-रे जांच के माध्यम से टीबी के संभावित एवं संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को टीबी जांच एवं उपचार कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।

कलेक्टर ने लेप्रोसी, गैर-संचारी रोग (एनसीडी), जननी पोर्टल, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी), मातृ मृत्यु, यू-विन, डिलीवरी रिपोर्टिंग, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों तथा आवासीय छात्रावासों में बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सिकल सेल, राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, डेंगू, स्वाइन फ्लू, मीजल्स-रूबेला, डिप्थीरिया तथा आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत मोतियाबिंद के मरीजों की समय पर पहचान कर उनका उपचार एवं आवश्यकतानुसार ऑपरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने मौसम के अनुरूप मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य अमले को सतर्क रहने तथा आवश्यक जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्वाइन फ्लू को लेकर विशेष सतर्कता बरतने और संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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