नई दिल्ली, एजेंसी। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर आई है। वित्त मंत्रालय के द्वारा ईपीएफ के तहत सैलरी लीमिट (Wage Ceiling) को 15000 रुपए से प्रति माह से बढ़ाकर 25,000 रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सीमा एक दशक से ज्यादा समय से बदली नहीं थी। नई सीमा लागू होने पर, सैलरी पाने वाले और भी कर्मचारी अनिवार्य प्रोविडेंट फंड और पेंशन कवरेज के दायरे में आ जाएंगे। नई वेतन सीमा कब से लागू होगी, इसका फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद किया जाएगा।
अभी क्या है नियम?
EPFO के नियमों के तहत जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 15,000 रुपए प्रति माह तक है, उन्हें एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड और एम्प्लॉई पेंशन स्कीम के दायरे में रखा जाता है। इससे अधिक बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों के लिए यह नियम अनिवार्य नहीं होता। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने इस लीमिट को बढ़ाने का फैसला इसलिए लिया ज्यादा नौकरीपेशा लोग EPF और पेंशन के दायरे में आ सकें।
30,000 करने का था प्लान
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में इस लीमिट को 30,000 रुपए तक बढ़ाने पर भी विचार किया गया था लेकिन वित्त मंत्रालय ने 25,000 रुपए की नई लिमिट को मंजूरी दी। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसकी लागू होने की तारीख का ऐलान करेगी।
सूत्रों के अनुसार, नई EPF सैलरी लीमिट 1 अप्रैल 2027 से लागू की जा सकती है। हालांकि, इसकी अंतिम तारीख कैबिनेट की मंजूरी और कंपनियों की तैयारियों को देखते हुए तय की जाएगी।
बता दें कि EPFO की सैलरी लीमिट में आखिरी बार सितंबर 2014 में बदलाव हुआ था, जब इसे 6,500 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए किया गया था।
