इस्लामाबाद/तेहरान, एजेंसी। इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से पहले एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता थी, जिसके चलते उसने असाधारण कदम उठाए। बताया जा रहा है कि ईरान को पाकिस्तान में संभावित हवाई हमले या सुरक्षा खतरे का डर था। इसी वजह से उसने इस्लामाबाद जाने के लिए कई “डमी” विमान भेजे। इन विमानों का उद्देश्य असली प्रतिनिधिमंडल की पहचान छिपाना और संभावित खतरे को भ्रमित करना था।सूत्रों के मुताबिक, केवल एक विमान में असली ईरानी प्रतिनिधिमंडल सवार था, जबकि बाकी विमान सुरक्षा रणनीति का हिस्सा थे। इस कदम को एक “डिकॉय ऑपरेशन” के रूप में देखा जा रहा है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर हाई-रिस्क स्थितियों में किया जाता है।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मोहम्मद बगेर गालिबफ कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी इस महत्वपूर्ण वार्ता में शामिल हैं।यह पूरी घटना ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान खुद को इस शांति वार्ता का मेजबान और मध्यस्थ बता रहा है। लेकिन इस तरह की खबरों से उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जे डी वेंस इस वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर भी मौजूद हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दिखाता है कि ईरान इस वार्ता को लेकर कितना सतर्क और गंभीर है। साथ ही यह भी संकेत देता है कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
