मुंबई ,एजेंसी। सरकारी बैंकों ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान इन बैंकों का नेट प्रॉफिट 26% बढ़ा, साथ ही इनका व्यापार भी तेज़ी से बढ़ा है और नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) में भी गिरावट आई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि बैंकों की नियमित निगरानी के कारण उनके कामकाज में सुधार हुआ है।
बिजनेस में 11% वृद्धि
12 सरकारी बैंकों का कुल बिजनेस अप्रैल से सितंबर के दौरान 236.04 लाख करोड़ रुपए का रहा। सालभर पहले की इसी अवधि के मुकाबले यह 11 फीसदी अधिक है। पहली छमाही में इन बैंकों का क्रेडिट पोर्टफोलियो 12.9% बढ़कर 102.29 लाख करोड़ रुपए और डिपॉजिट पोर्टफोलियो 9.5% बढ़कर 133.75 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी उछाल
बैंकों के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी तेजी आई है, जो पिछले साल की तुलना में 14.4% बढ़कर 150,023 करोड़ रुपए हो गया। वहीं नेट प्रॉफिट 25.6% बढ़कर 85,520 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसके अलावा ग्रॉस एनपीए 3.12% पर आ गया, जिसमें 108 बेसिस पॉइंट्स की कमी आई है। नेट एनपीए भी 34 बेसिस पॉइंट्स घटकर 0.63% पर आ गया।
बैंकों का प्रॉफिट रैंक
सबसे ज्यादा प्रॉफिट पंजाब नेशनल बैंक को हुआ। इस बैंक का शुद्ध लाभ 145% बढ़कर 4,303 करोड़ रुपए हो गया। केनरा बैंक ने 4,014 करोड़ रुपए के शुद्ध लाभ के साथ 11% की सबसे कम वृद्धि दर्ज की। बैंक ऑफ बड़ौदा का सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उधारदाताओं (5,237 करोड़ रुपए) में दूसरा सबसे अधिक शुद्ध लाभ था।
