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उचित मूल्य और सुगम प्रक्रिया ने बढ़ाया किसान छोटे लाल का विश्वास

कोरबा। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले में अन्नदाताओं से धान खरीदी का कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन द्वारा बनाए गए 65 धान उपार्जन केन्द्रों में इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया गया है। व्यवस्था में आए इस बदलाव से किसानों में उत्साह और संतोष दोनों देखने को मिल रहा है।
इसी क्रम में करूमहुआ निवासी किसान छोटे लाल दिव्य ने नकटीखार धान उपार्जन केन्द्र पहुँचकर अपनी 50 क्विंटल उपज की बिक्री की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान बेचने का अनुभव पहले से कहीं अधिक आसान रहा। विशेष रूप से टोकन तुंहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे टोकन प्राप्त होने से उन्हें किसी भी प्रकार की प्रतीक्षा या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। अपने 4 एकड़ खेत में छोटे लाल दिव्य हर वर्ष धान की खेती करते हैं। इस बार मौसम का साथ और उनकी कड़ी मेहनत से उत्पादन अच्छा हुआ। अपने परिश्रम की बिक्री के लिए वे नकटीखार धान उपार्जन केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने 50 क्विंटल धान बेचा। पिछले वर्ष उन्होंने 74 क्विंटल धान का विक्रय कर प्राप्त राशि से अपने घरेलू खर्चों और खेती को बेहतर बनाने में निवेश किया था।


किसान छोटे लाल ने कहा कि शासन द्वारा घोषित सर्वाधिक समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का प्रावधान किसानों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन व्यवस्थाओं के कारण उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे घरेलू आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
धान उपार्जन केन्द्र की सुविधाओं से प्रसन्न छोटे लाल दिव्य ने बताया कि केंद्र में साफ-सफाई, सुचारू व्यवस्था और कर्मचारियों का सहयोगी व्यवहार पूरी प्रक्रिया को सहज बनाता है।  इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन के उपयोग से तुलाई तेज और सटीक रूप से हो रही है, जिससे समय की बचत हो रही है और अनावश्यक परेशानियों से भी छुटकारा मिला है। धान विक्रय के पश्चात छोटे लाल दिव्य ने खुशी जाहिर करते हुए कहा केंद्र में व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित है कि हम किसान बिना किसी चिंता के अपनी फसल बेच पा रहे हैं। उचित मूल्य और आसान प्रक्रिया ने हमारे मन में भरोसा बढ़ाया है।

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