सरगुजा, एजेंसी। सरगुजा जिले के सहकारी बैंक पेटला में किसानों के नाम पर 1.92 करोड़ रुपए से अधिक का फर्जी लोन निकालने के मामले में पुलिस ने बैंक के कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है। मामले में बैंक के तत्कालीन बैंक मैनेजर सहित 8 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मई महीने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। मामला सीतापुर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, सहकारी बैंक पेटला से 127 किसानों का फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के माध्यम से 1 करोड़ 92 लाख 82 हजार रुपए का फर्जी केसीसी ऋण निकाला गया था। मामले का खुलासा सरगुजा कलेक्टर की जांच के बाद हुआ।
मामले में सीतापुर थाने में तत्कालीन बैंक मैनेजर भूपेंद्र सिंह परिहार, सहायक लेखापाल, कैशियर, सहायक सहित 8 के खिलाफ धारा 318, 316(5), 61(2) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है।
कंप्यूटर ऑपरेटर हुआ गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने बैंक में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक कुमार चक्रधारी (29) निवासी जयनगर, जिला सूरजपुर को गिरफ्तार किया है। सीतापुर थाना प्रभारी अखिलेश सोनी ने बताया कि मामले में पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सोसायटी मैनेजर ने लगाई थी फांसी
केसीसी के फर्जी लोन का मामला केरजू सहकारी समिति के तत्कालीन मैनेजर दिनेश गुप्ता ने दिसंबर 2025 में घर में फांसी लगा लिया था। किसानों ने शिकायत की थी कि उनके नाम पर लाखों रुपए का केसीसी लोन बैंक से निकाल लिया गया है।
किसानों की शिकायत पर सरगुजा कलेक्टर ने मामले की जांच कराई तो जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की पेटला शाखा में 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर उनके खातों से कुल 1 करोड़ 92 लाख 82 हजार 96 रुपए का फर्जी लोन निकालने की पुष्टि हुई।
सोयायटी मैनेजर दिनेश गुप्ता के आत्महत्या प्रकरण की जांच के दौरान परिजनों ने बैंक के प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार द्वारा 52 लाख रुपए लेने और उसे वापस नहीं करने का आरोप लगाया गया था। मामले में भूपेंद्र सिंह परिहार और अन्य के खिलाफ अलग से पुलिस ने धारा धारा 108, 3(5) भादवि के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि, आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
