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फर्जी NTPs NOC से खैर लकड़ी का अवैध परिवहन:महासमुंद पुलिस ने मुड़पार गांव में की छापेमारी, आरोपी के घर से 81 लाख नकद जब्त

महासमुंद, एजेंसी। महासमुंद में फर्जी NOC से 23.35 टन खैर (कत्था) लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के घर से 81 लाख रुपए कैश बरामद किए हैं। यह रकम सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार गांव स्थित मकान से मिली।

पुलिस ने रकम जब्त कर ली है और अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए कुर्की की कार्रवाई कर रही है।

अपराध से अर्जित संपत्ति मानकर कुर्की की कार्रवाई।

आरोपी मनीष अग्रवाल को रायगढ़ में पकड़ा गया था।

आरोपी मनीष अग्रवाल को रायगढ़ में पकड़ा गया था।

23,350 किलो खैर लकड़ी का अवैध परिवहन

पुलिस के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि इस दौरान फर्जी एनटीपीएस एनओसी तैयार कर उसे असली दस्तावेज की तरह इस्तेमाल किया गया। मामले में पिथौरा थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान की तलाशी के लिए कोर्ट से सर्च वारंट लिया।

थैले में मिलीं 162 गड्डियां

पुलिस टीम ने 7 सितंबर 2026 को मुड़पार गांव स्थित मकान में तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान मकान के केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में एक थैला बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, थैले में 500 रुपए के नोटों की 162 गड्डियां थीं। इन गड्डियों में कुल 16,200 नोट मिले, जिनकी कुल कीमत 81 लाख रुपए आंकी गई। पुलिस ने मौके पर ही पूरी रकम जब्त कर ली।

आरोपी के घर तलाशी करने पर 81 लाख कैश बरामद।

कई धाराओं में दर्ज है अपराध

पुलिस के अनुसार, मामले में बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111, 25 आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 42(1), सहपठित धारा 41(2)(ख)(घ) और धारा 52(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।

रकम सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार गांव स्थित मकान से मिली।

अपराध की कमाई मानकर कुर्की की तैयारी

पुलिस ने बताया कि 81 लाख रुपए की जब्त रकम अपराध से कमाई गई संपत्ति मानी जा रही है। इसे लेकर पुलिस ने BNSS की धारा 107 के तहत कोर्ट में कुर्की का आवेदन दिया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से आरोपी को अपराध से मिले पैसों का फायदा नहीं मिल सकेगा।

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