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कोरबा में मधुमक्खी पालन से किसानों को दोहरा लाभ:शहद उत्पादन के साथ फसलों की पैदावार भी बढ़ी

कोरबा। कोरबा जिले में मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय का एक नया और विश्वसनीय स्रोत बन गया है। उद्यानिकी विभाग की पहल से किसान न केवल शहद उत्पादन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं, बल्कि मधुमक्खियों द्वारा होने वाले परागण से उनकी फसलों की पैदावार और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में उद्यानिकी विभाग द्वारा ‘परागण आधारित मधुमक्खी पालन योजना’ के तहत किसानों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

मधुमक्खी पालन से किसानों को दोहरा लाभ

उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक पतराम सिंह ने बताया कि मधुमक्खी पालन से किसानों को दोहरा लाभ मिल रहा है। एक ओर शहद उत्पादन से सीधी आय हो रही है, वहीं दलहन, तिलहन और सब्जी की फसलों में बेहतर परागण से उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।

शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के 14 किसानों को लाभान्वित किया गया है। इन किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए आवश्यक उपकरण और तकनीकी जानकारी प्रदान की गई है।

ग्राम क्षेत्र में सब्जी और फूलों की खेती करने वाले किसान गुरुचरण मरार ने बताया कि उद्यान विभाग से प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्होंने एक माह पहले ही खेती के साथ मधुमक्खी पालन शुरू किया है। उनके अनुसार, मधुमक्खियों के परागण से उनकी सब्जियों की पैदावार बढ़ी है और साथ ही शहद का उत्पादन भी शुरू हो गया है, जिससे उनकी आमदनी में इजाफा हुआ है।

राज्य शासन की यह मधुमक्खी पालन योजना न केवल किसानों की आय दोगुनी करने का माध्यम बन रही है, बल्कि टिकाऊ और वैज्ञानिक खेती की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है। आकांक्षी जिला कोरबा में यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही है और किसानों को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा रही है।

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