2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय थी, कई मुठभेड़ में शामिल रही
धमतरी,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के धमतरी में 5 लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है। नक्सली भूमिका उर्फ गीता (37 वर्ष) नगरी एरिया कमेटी की गोबरा एलओएस कमांडर थी। वह साल 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय थी।
गीता बीजापुर जिले के गुंगालुर थाना क्षेत्र के पुसनार गांव की रहने वाली है। संगठन में भेदभावपूर्ण व्यवहार और उसकी विचारधारा से निराश होकर उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। 6 जनवरी को SP ऑफिस पहुंचकर उसने सरेंडर कर दिया।

भूमिका उर्फ गीता 2005 से नक्सली संगठन से जुड़ी थी, जिसने धमतरी पुलिस के सामने सरेंडर किया है।
सीसीएम संग्राम में गार्ड थी गीता
भूमिका उर्फ गीता साल 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय थी। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह 2010 तक प्लाटून 01 में रही। 2010 में उसे ओडिशा राज्य कमेटी में स्थानांतरित किया गया, जहां वह 2011 से 2019 तक सीसीएम संग्राम की गार्ड के रूप में कार्यरत रही।
इसके बाद, 2019 से 2023 तक वह सीनापाली एरिया कमेटी में एसीएम रही और सितंबर 2023 में गोबरा एलओएस कमांडर बनी। वर्तमान में संगठन में सदस्यों की संख्या कम होने के कारण वह नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी। उसके खिलाफ कई धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
इन वारदातों में रही शामिल
- साल 2010 ओडिशा के पड़कीपाली (जिला महासमुंद) में हुई मुठभेड़ में 8 नक्सली मारे गए, इस दौरान एक ग्रामीण की मौत हो गई और एक नक्सली लापता हो गया। इस मुठभेड़ में शामिल रही।
- साल 2014 मैनपुर के मोतिपानी जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल थी, जिसमें कोई जनहानि नहीं हुई।
- साल 2016 नुआपाड़ा (ओडिशा) के कमलावाड़ी जंगल में हुई मुठभेड़ में कोई नुकसान नहीं हुआ, इसमें भी गीता शामिल थी।
- साल 2016 में नुआपाड़ा (ओडिशा) के पोतेलपाड़ा जंगल में हुई एक अन्य मुठभेड़ में भी शामिल रही, इसमें भी कोई जनहानि नहीं हुई।
- साल 2018 जिला बीजापुर के तिमेनार जंगल में घर लौटते समय हुई मुठभेड में शामिल रही, जिसमें 08 नक्सली मारे गए।
- साल 2023 गरियाबंद के ताराझार जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल रही, जिसमें कोई नुकसान नहीं हुआ।
- साल 2024 धमतरी के एकावरी जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल रही, जिसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
- साल 2025 धमतरी के मांदागिरी जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल रही, जिसमें कोई नुकसान नहीं हुआ।
- नवंबर 2025 में गरियाबंद के सेमरा जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल रही, जिसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
50 हजार प्रोत्साहन राशि दी गई
SP सूरज सिंह परिहार ने बताया कि माओवादी संगठन में लंबे समय तक रहने के दौरान भूमिका पारिवारिक जीवन से वंचित रही। धमतरी पुलिस के लगातार अभियानों, सिविक एक्शन और छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर भूमिका ने यह कदम उठाया।
आत्मसमर्पण करने पर शासन की नीति के तहत उसे 50,000 रुपए प्रोत्साहन राशि दी गई है। उसने 6 जनवरी 2026 को एसपी ऑफिस में पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन और पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में यह आत्मसमर्पण कराया गया।
