कोरबा। मानसून की गतिविधियां कम होते ही खेत सूखने लगे हैं। इसकी वजह से सिंचाई के लिए पानी की मांग बढ़ गई है। दांयीं तट नहर में 3510 क्यूसेक और बांयीं तट नहर में 3003 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है।
जिले में ही 6 दिनों से खंड बारिश हो रही है। 24 घंटे में ही 1.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। करतला में 4.2, हरदीबाजार में सबसे अधिक 10.6 और दीपका में मिलीमीटर बारिश हुई है। गुरुवार को भी हल्की बारिश हुई। इसकी वजह से सिंचाई के लिए पानी की मांग अधिक हो गई है। बांगो बांध की क्षमता ढाई लाख हेक्टेयर है। अभी तक बारिश होने के कारण सिंचाई के लिए पानी की मांग ही नहीं थी।
सिंचाई का सबसे अधिक फायदा जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के किसानों को होता है। इसके अलावा रायगढ़ और खरसिया तहसील के किसानों को फायदा होता है। कोरबा जिले में सिंचाई का रकबा सिर्फ 5 हजार हेक्टेयर है। पहली बार जुलाई और अगस्त में सिंचाई के लिए मांग नहीं आई है। नहरों की क्षमता 4200 क्यूसेक पानी छोड़ने की है। अभी दर्री बैराज का रोज एक गेट खोलने की नौबत आ रही है। नहरों की मरम्मत नहीं होने से धीरे-धीरे पानी की मात्रा बढ़ाई जा रही है, अधिक मात्रा में पानी छोड़ने से दबाव बढ़ेगा। हालांकि हल्की बारिश की वजह से फसल को कोई नुकसान नहीं हो रहा है।
कमी नहीं, मांग के अनुसार पानी की मात्रा बढ़ाई जाएगी ^सिंचाई के लिए मांग के अनुसार पानी छोड़ रहे हैं। धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाई जाएगी। पानी की कोई कमी भी नहीं है। नहरों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
-एसएन साय , ईई, हसदेव दर्री बैराज
