कोरबा। 19वें कलेक्टर के रूप में कुणाल दुदावत ने आज 19 दिसम्बर 2025 को पदभार ग्रहण किया और शाम 5.00 बजे कलेक्ट्रेट के सभागार में पत्रकारों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ और पर्यटन को बढ़ावा देना होगा। केन्द्र एवं राज्य शासन की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो, यह प्रशासन की प्राथमिकता में रहती है। मेरा प्रयास होगा कि योजनाएं दूरस्थ ग्रामीणों तक सहज और सरल रूप से पहुंचे और अति पिछड़ी जनजाति मुख्यधारा से जुडक़र अपना जीवन स्तर सुधार सके।
देश का पावर हाऊस है कोरबा

नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि कोरबा सिर्फ छत्तीसगढ़ का ही नहीं बल्कि पूरे देश का पावर हाऊस है और यहां विकास की अपार संभावनाएं अभी भी हैं। मेरा प्रयास होगा कि सभी विभाग पारदर्शिता के साथ काम करें और नियत समय में विकास कार्यों को पूर्ण करें। कोताही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस पर कड़ी कार्यवाही होगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन पर फोकस
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन विकास पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा सबसे पहले अधोसंरचना विकास पर फोकस होगा और उसके बाद आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा। पर्यटना में विकास की यहां असीम संभावनाएं हैं। बीजापुर की तरह कोरबा भी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है और छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों से यहां पर्यटक पहुंचे, उन्हें आकर्षित करने के लिए इस क्षेत्र में बेहतर कार्य किए जाएंगे।
प्रशासन जनता के हित में लेगा फैसला
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कोरबा जिले में प्रशासन जनता के हित में फैसला लेगा, चाहे एसईसीएल, एनटीपीसी, बालको सहित हर सार्वजनिक, निजी कम्पनी या निजी व्यक्ति हों, जनता के हित में ही प्रशासन फैसला लेगा और कितनी भी बड़ी कम्पनी या व्यक्ति हो, नियम विरूद्ध काम होगा, तो एक्शन भी होगा।
पर्यावरण प्रदूषण पर बोले कलेक्टर-हर हाल में एनजीटी के नियमों का पालन होगा
कोरबा जिले में रेत तस्करी, कोयला तस्करी, अवैध राखड़ परिवहन पर लगाम लगेगा और कहा कि पर्यावरण प्रदूषित करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा और एनजीटी के नियमों को हर हाल में सभी सार्वजनिक, निजी प्रतिष्ठान एवं निजी व्यक्तियों को फॉलो करना होगा और नहीं तो कड़ी कार्यवाही भी होगी।
विकास में तीनों क्षेत्रों शहर, औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों पर बराबर फोकस
नवपदस्थ कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि शहर से लेकर जिले के अंतिम छोर तक विकास दिखेगा और औद्योगिक क्षेत्र में भी हमारा बराबर फोकस होगा।
उन्होंने कहा कि डीएमएफ को प्राथमिकता के आधार पर आबंटित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में डीएमएफ की राशि तब दी जाएगी, जब ग्राम सभा में विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रस्ताव पास होगा।
पूरे जिले में एकरूपता लाने का प्रयास
नवपदस्थ कलेक्टर ने कहा कि जिले के किसी भी कोने में रहने वाले लोगों का पूरा हक है कि उन्हें सहज और सरल जीवन मिले, सभी योजनाओं का लाभ मिले, विकास कार्यों की पूरी पहुंच उन तक हो। हम पूरे जिले में एकरूपता लाने का प्रयास करेंगे और विकास में अंतिम छोर का व्यक्ति भी लाभान्वित हो, ऐसा प्रयास होगा।
डीएमएफ में पारदर्शिता:एक माह बाद हर कार्यों की जानकारी एक क्लिक में मिलेगी
आईएएस कुणाल दुदावत ने कहा कि डीएमएफ में पूरी पारदर्शिता के साथ काम होगा। उन्होंने कहा कि शासन ने जो नई गाईड लाईन जारी की है, उसके मुताबिक काम होगा और शहर से लेकर गांव के किसी भी व्यक्ति को डीएमएफ के कार्यों की जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध होगी। भ्रष्टाचार और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय सीमा में काम प्रारंभ होगा और समय सीमा में ही काम को पूरा भी करना होगा। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
आम जनता से अपील की नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने
जनता के प्रति संवेदनशील दिखे नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि प्रशासन जनता के हित के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी आम से लेकर खास जनता कभी भी उनसे मिल सकते हैं और ससम्मान मिल सकते हैं। हर समस्या का समाधान करने की कोशिश होगी, मांगें प्राथमिकता के आधार पर पूरी होगी। उन्होंने अपना मोबाइल नम्बर 72240-94062 भी सार्वजनिक किया। पत्रकार वार्ता में जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, एडीएम देवेंद्र पटेल, पीआरओ कमल ज्योति सहित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सीईओ दिनेश नाग ने कलेक्टर का कराया संक्षिप्त परिचय
पत्रकार वार्ता में जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग भी उपस्थित थे और उन्होंने नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत का संक्षिप्त परिचय भी दिया। उन्होंने बताया कि कलेक्टर साहब 2017 बेच के आईएएस अधिकारी हैं और ये बीजापुर से कोरबा आएं हैं। प्रथम कलेक्टर के रूप में श्री दुदावत कोंडागांव में अपने सेवाएं दी।
नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत इससे पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य के कोंडागांव एवं दंतेवाड़ा जिलों में कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्ष 2015 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ, साथ ही भारतीय वन सेवा में भी उनका चयन हुआ था। आईपीएस प्रशिक्षण के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी का तीसरा प्रयास दिया और 669वीं रैंक के साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए। कुणाल दुदावत ने 11 दिसंबर 2017 को आईएएस सेवा ज्वाइन की। उनकी फील्ड ट्रेनिंग बिलासपुर जिले में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई। इसके पश्चात वे बिलासपुर जिले के कोटा अनुविभाग में एसडीएम तथा महासमुंद जिले के सरायपाली अनुविभाग में एसडीएम के रूप में पदस्थ रहे। बाद में उनकी नियुक्ति कोरिया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर हुई। इसके बाद वे बिलासपुर नगर निगम आयुक्त एवं बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक के रूप में पदस्थ रहे। बिलासपुर के बाद कलेक्टर के रूप में उनकी पहली पदस्थापना कोंडागांव जिले में हुई, तत्पश्चात वे दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वहां से स्थानांतरित होकर अब उन्होंने कोरबा जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला है। कोरबा की जनता को नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत से काफी अपेक्षाएं भी हैं।
आईएएस कुणाल दुदावत: जन्म, शिक्षा और परिवार
नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत राजस्थान राज्य के सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं। 01 जनवरी 1992 को जन्में कुणाल दुदावत के पिता सरकारी अस्पताल में चिकित्सक थे। कुणाल के परिवार में अधिकतर लोग डॉक्टर हैं। कुणाल की स्कूली शिक्षा सवाई माधोपुर में हुई। पहली से 10वीं तक उन्हेंने हिन्दी माध्यम से एवं 11वीं, 12वीं की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से की। हिन्दी से अंग्रेजी माध्यम में आने के चलते उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। भौतिकी, रसायन एवं गणित विषयों के साथ 12वीं बोर्ड का एक्जाम पास किया।
इसके बाद उन्होंने आईआईटी-जेईई निकालकर मुंबई आईआईटी में कम्प्युटर साईंस ब्रांच में एडमिशन लिया। मात्र 20 वर्ष की उम्र में ही उन्हेंने बीटेक की पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल की। दुदावत के गृह क्षेत्र में केजी क्लास का कांसेप्ट नहीं था और वे सीधे क्लास 1 में प्रवेश लिया।
मल्टीनेशनल कम्पनियों में किया जॉब
कम्प्युटर साईंस में इंजीनियरिंग करने के बाद कुणाल विदेश चले गए और वे कनाडा की कम्पनी में 5 माह जॉब किया। इसके बाद वे पुन: स्वदेश लौट आए और ऑनलाईन शॉपिंग कम्पनी फ्लिपकार्ट में साफ्टवेयर डेवलपर की जॉब की। सिविल सर्विस में जाने की ललक उनमें कूट-कूट कर भरी थी और उन्होंने यूपीएससी की तैयारी प्रारंभ कर दी।
तीसरे प्रयास में हुआ आईएएस में चयन
यूपीएससी का पहला अटेम्प्ट कुणाल ने 2014 में सिर्फ 5-6 महीने की पढ़ाई के बाद दिया। दूसरे प्रयास में उनका चयन यूपीएससी 2015 से आईपीएस के लिए हुआ। इसके पूर्व उनका चयन आईएफएस के लिए भी हुआ था। आईपीएस कुणाल को एजीएमयूटी कैडर मिला था। आईपीएस की ट्रेनिंग करते ही यूपीएससी का तीसरा प्रयास कुणाल के लिए शानदार रहा और उन्होंने 669वीं रैंक के साथ आईएएस के लिए चयनित हुए।
कोरबा कुणाल दुदावत की कलेक्टर के रूप में तीसरी पोस्टिंग
कुणाल दुदावत ने 11 दिसम्बर 2017 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की। कलेक्टर के रूप में सबसे पहले उनकी ज्वाइनिंग कोंडागांव में हुई। दूसरी पोस्टिंग बीजापुर, दंतेवाड़ा में हुई और वे सिर्फ 7 महीने यहां अपने सेवाएं देने के बाद कोरबा कलेक्टर के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर कोरबा के 19वें कलेक्टर बने। अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया।
