तेल अवीव, एजेंसी। इजराइल में 27 अक्टूबर को हुए संसदीय चुनाव में विदेशी दखल की आशंका जताई गई है। चुनाव आयोग ने जांच एजेंसी ‘शिन बेट’ को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, एजेंसी एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को शक है कि कतर और तुर्किये से इजराइल और वेस्ट बैंक में पैसे भेजे गए। इनका इस्तेमाल अरब नागरिकों की फंडिंग के लिए किया गया।
चुनाव खत्म होने के बाद दूसरे दिन सभी बैलट वोट की गिनती पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ दोहरे लिफाफों के वोटों की गिनती बाकी है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू और विपक्षी नेता आइजनकोट दोनों बहुमत से दूर हैं।
अब तक नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें, जबकि विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं, अरब पार्टियों को कुल 19 सीटें मिलने का अनुमान है।
कतर ने इजराइली चुनाव में दखल के आरोपों को बेतुका बताया
कतर ने इजराइल के चुनाव में दखल देने और अरब वोट बढ़ाने के लिए पैसा देने के आरोपों को खारिज किया है।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने इन आरोपों को बेतुका और खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि इजराइली नेता अपनी राजनीतिक नाकामी का दोष कतर पर डाल रहे हैं।
अंसारी ने X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि कुछ इजराइली नेता और मीडिया से जुड़े लोग गलत जानकारी फैलाकर कतर को अपने राजनीतिक विवादों में घसीट रहे हैं।
चुनाव आयोग ने धांधली के आरोपों को बेबुनियाद बताया
चुनाव आयोग ने चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आयोग के कार्यवाहक महानिदेशक डीन लिवने ने कहा कि चुनाव कानून के मुताबिक हुआ और अब तक गड़बड़ी के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
लिवने ने कहा कि मतदान केंद्रों पर चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव आयोग के अध्यक्ष नोआम सोहलबर्ग ने शिन बेट को गोपनीय खुफिया जानकारी के आधार पर जांच करने को कहा है। हालांकि, इस जानकारी की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
डबल-एनवेलप बैलेट से नतीजों में बड़े बदलाव की उम्मीद कम

27 अक्टूबर को एक IDF सैनिक ने ‘जनरल स्टाफ सप्लाई सेंटर’ बेस पर अपना वोट डाला।
डबल-एनवेलप बैलेट की गिनती गुरुवार सुबह शुरू हुई। इन बैलेट का इस्तेमाल उन लोगों के वोटों के लिए होता है, जो अपने तय मतदान केंद्र से अलग जगह पर वोट डालते हैं। इनमें सैनिक, राजनयिक, पुलिसकर्मी और विस्थापित लोग शामिल हैं।
द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, सैन्य ठिकानों, अस्पतालों और जेलों में डाले गए इन वोटों से चुनावी नतीजों में बड़े बदलाव की संभावना कम है। इस बार ऐसे करीब 5 लाख वोटों की गिनती होनी है, जो गुरुवार शाम तक पूरी हो जाएगी।
पिछले चुनावों में भी इन वोटों का रुझान देशभर के नतीजों जैसा ही रहा है। इजराइल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट के 2021 के चुनाव विश्लेषण के मुताबिक, नेतन्याहू के गठबंधन को डबल-एनवेलप वोटों में 48.76% वोट मिले थे। आम वोटों में उसका हिस्सा 47.95% था।
वहीं, विपक्षी पार्टियों को डबल-एनवेलप वोटों में 48.56% और आम वोटों में 50.06% वोट मिले थे। चुनाव समिति के कमांड सेंटर प्रमुख एलाद नवेह ने भी कहा कि इन वोटों का बंटवारा आमतौर पर देशभर में पड़े वोटों जैसा ही रहता है। दोनों में कोई बड़ा अंतर नहीं दिखता।
