मुंबई, एजेंसी। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने जुलाई के दूसरे सप्ताह में भारतीय शेयर बाजारों में मजबूती से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, 7 जुलाई से 11 जुलाई 2025 के बीच एफपीआई ने 5,260 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया।
मंगलवार को सबसे ज्यादा निवेश
सप्ताह के सभी कारोबारी दिनों में एफपीआई शुद्ध खरीदार बने रहे, जो निवेशकों के सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। सबसे अधिक निवेश मंगलवार को देखा गया, जब उन्होंने 2,771 करोड़ रुपए बाजार में लगाए।
जुलाई में अब तक 3,839 करोड़ रुपए का निवेश
सप्ताह के मजबूत निवेश के साथ, जुलाई 2025 में अब तक एफपीआई का कुल शुद्ध निवेश इक्विटी सेगमेंट में 3,839 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो बीते सप्ताह की तुलना में एक सुधार दर्शाता है।
अगले सप्ताह निवेश धीमा रहने की आशंका
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि आने वाले सप्ताह में एफपीआई की गतिविधियां धीमी पड़ सकती हैं।
कारण: अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर अनिश्चितता
डोनाल्ड ट्रंप की 15-20% टैरिफ लगाने की योजना
इनसे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।
नजर इन संकेतकों पर रहेगी
खेमका के अनुसार, निवेशकों की निगाहें इन प्रमुख कारकों पर रहेंगी:
- सीपीआई (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक)
- डब्ल्यूपीआई (थोक मूल्य सूचकांक)
- भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता
- पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजे
मई बना अब तक का सबसे अच्छा महीना
जनवरी-फरवरी 2025: क्रमशःरू.78,027 करोड़ और रू.34,574 करोड़ की बिकवाली
मई 2025: रू.19,860 करोड़ का शुद्ध निवेश (अब तक का सर्वश्रेष्ठ महीना)
जून 2025: रू.14,590 करोड़ का शुद्ध निवेश
मार्च 2025: रू.3,973 करोड़ की निकासी
