गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, एजेंसी। मरवाही वनमंडल में अवैध रेत खनन रोकने गई वन विभाग की टीम के साथ विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। गौरेला परिक्षेत्र के अंधियारखोह परिसर स्थित हर्री नाले में कार्रवाई करने पहुंची टीम ने अवैध रेत और बांस करील से भरे दो ट्रैक्टर पकड़े थे।
आरोप है कि रास्ते में 15 से 20 लोगों की भीड़ ने टीम को घेर लिया, महिला रेंजर से बदसलूकी की और जब्त दोनों ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए।
जान से मारने की धमकी देने का आरोप
अवैध खनन की सूचना पर पहुंची थी टीम
जानकारी के अनुसार, हर्री नाले में अवैध रेत खनन की सूचना मिलने पर रेंजर ज्योत्स्ना पांडे के साथ वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध रेत और बांस करील से भरे दो ट्रैक्टरों को जब्त किया। पंचनामा तैयार करने के बाद दोनों वाहनों को डिपो ले जाया जा रहा था।
हर्री स्टेशन के पास रास्ता रोककर किया हंगामा
आरोप है कि हर्री स्टेशन के पास 15 से 20 लोगों की भीड़ ने वन विभाग की टीम का रास्ता रोक लिया। भीड़ ने वन कर्मचारियों को ट्रैक्टर से नीचे खींच लिया और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान महिला रेंजर ज्योत्स्ना पांडे से बदसलूकी और झूमा-झटकी किए जाने का भी आरोप है। इसके बाद भीड़ ने सरकारी कब्जे में लिए गए दोनों ट्रैक्टर जबरन छुड़ा लिए और मौके से भाग गए।
लालपुर अंडरब्रिज पर फिर रोकी वन विभाग की गाड़ी
घटना यहीं नहीं रुकी। लौटते समय लालपुर अंडरब्रिज के पास ट्रैक्टर मालिक और उसके साथियों ने वन विभाग की गाड़ी को दोबारा रोक लिया। आरोप है कि यहां भी गाली-गलौज की गई और हंगामा किया गया। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने पुलिस के साथ इलाके में खोजबीन की, लेकिन आरोपी अपने वाहनों को छिपा चुके थे।
डीएफओ को सौंपी रिपोर्ट, FIR की मांग
वन परिक्षेत्र अधिकारी ने घटना की रिपोर्ट, पंचनामा और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ डीएफओ को सौंप दी है। रिपोर्ट में सरकारी काम में बाधा डालने, महिला कर्मचारी से बदसलूकी करने और सरकारी कब्जे से ट्रैक्टर छुड़ाकर ले जाने के आरोपों का उल्लेख करते हुए FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल मामले में आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और ट्रैक्टरों की बरामदगी को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
