गुरुग्राम,एजेंसी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला का निधन हो गया है। वे 89 साल के थे। शुक्रवार को वे गुरुग्राम में अपने घर पर थे। उन्हें दिल का दौरा पड़ा। जिसके बाद साढ़े 11 बजे उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में लाया गया। करीब आधे घंटे बाद दोपहर 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
इसका पता चलते ही उनके बड़े बेटे अजय और पोते पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला अस्पताल में पहुंचे। वहीं अस्पताल के बाहर उनके समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। उधर, सिरसा के गांव तेजा खेड़ा में उनके फार्म हाउस पर सन्नाटा छाया हुआ है। यहां पर कल दोपहर 3 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
आज शाम तक पूर्व CM का पार्थिव शरीर सिरसा स्थित उनके पैतृक गांव चौटाला लाया जाएगा। यहां कल सुबह 8 से 2 बजे तक उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को तेजा खेड़ा लाया जाएगा।
ओपी चौटाला के निधन पर हरियाणा सरकार ने 21 से 23 दिसंबर तक 3 दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया है। चौटाला का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
ओम प्रकाश चौटाला के निधन का पता चलते ही उनके पोते पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और परिवार के करीबी गुरुग्राम में मेदांता अस्पताल पहुंच गए हैं।
चौटाला हार्ट और डायबिटीज समेत कई बीमारियों से ग्रस्त थे। उनका पहले से ही गुरुग्राम के मेदांता और आरएमएल अस्पताल में इलाज चल रहा था।
पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, सीएम नायब सैनी, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल समेत बड़े नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया।

पीएम मोदी ने ओम प्रकाश चौटाला के साथ अपनी पुरानी फोटो शेयर करते हुए कहा कि प्रदेश की राजनीति में वे वर्षों तक सक्रिय रहे और चौधरी देवीलाल के कार्यों को आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया।
पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल के सबसे बड़े बेटे थे
ओम प्रकाश चौटाला पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की 5 संतानों में सबसे बड़े थे। उनका जन्म 1 जनवरी, 1935 को हुआ। वे 5 बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे। शुरुआती शिक्षा के बाद ही चौटाला ने पढ़ाई छोड़ दी थी। 2021 में शिक्षक भर्ती घोटाले के दौरान जब चौटाला तिहाड़ जेल में बंद थे, तब उन्होंने 86 साल की उम्र में 10वीं-12वीं की परीक्षा पास की।
