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पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने टी. पी. नगर कोरबा में शीतल शरबत मंदिर का किया शुभारंभ

कोरबा। कांग्रेस कार्यालय टी. पी. नगर कोरबा के सामने शीतल शरबत का विधिवत शुभारंभ पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने किया। जयसिंह अग्रवाल की ओर से शांति देवी मेमोरियल सोसाइटी इसका संचालन करेगा। शीतल शरबत मंदिर का विधिवत शुभारंभ जयसिंह अग्रवाल ने राहगीरों को शरबत पीलाकर किया। जयसिंह अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि गर्मी के मौसम में प्यास से बेहाल लोगों को शीतल पेयजल व शीतल शरबत उपलब्ध कराना पुनीत कार्य है। यह कोरबा का प्रमुख मार्ग है और अब यहां पर राहगीरों को इस गर्मी के मौसम में प्रतिदिन शीतल शरबत मिलेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले 15 वर्षों से जयसिंह अग्रवाल के द्वारा उक्त स्थल पर प्रतिवर्ष शीतल जल व शीतल शरबत का निःशुल्क वितरण कराया जाता है।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया पिछले कई वर्षों से शीतल शरबत मंदिर का अच्छा प्रतिसाद मिला। लोगों ने इस पुनीत कार्य को नेक कार्य बताया और इस नेक कार्य की क्षेत्रवासियों ने सराहना की। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्‍यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि “जलदान ही महादान“ की प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के द्वारा शीतल शरबत मंदिर का संचालन कराया जा रहा है। जो समाज के लिए एक अनुकरणीय सेवा कार्य है।

नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने बताया कि प्रतिदिन यहां भिन्न-भिन्न फ्लेवर के शरबत का वितरण कराया जाता है। जिसमें मैंगो, ऑरेंज, नींबू, चीकू, अनानास आदि फ्लेवर होते है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्‍यक्ष नारायण कुर्रे ने बताया कि किसी प्यासे को पानी पिलाना परोपकार और मानवता की सेवा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की गर्मी के मौसम में यह अनूठी पहल सराहनीय है।

पूर्व जिला अध्‍यक्ष सपना चौहान ने कहा कि शीतल शरबत मंदिर का संचालन करना अपने आप में एक पुण्य कार्य है। उक्त स्थल पर प्रतिदिन हजारों लोगों की प्यास बुझेगी और सभी पूर्व विधायक जयसिंह अग्रवाल को दिल से धन्यवाद देंगे।

जयसिंह अग्रवाल ने इस मौके पर राहगीरों को शीतल शरबत पिलाया और स्‍वयं भी शरबत का स्‍वाद चखा । पूर्व सभापति धुरपाल सिंह कंवर, युवा कांग्रेस अध्‍यक्ष राकेश पंकज, जिला महामंत्री एफ डी मानिकपुरी, पार्षद रवि चंदेल, डॉ.रामगोपाल कुर्रे, सुखसागर निर्मलकर, अविनाश बंजारे, सुभाष राठौर, मस्‍तुल कंवर, बद्रीकिरण, महेन्‍द्र थवाईत (गुड्डु) पीयुष पाण्‍डेय, गिरधारी बरेठ, रमेश वर्मा, अशोक कंवर, जीवन चौहान, रथलाल चौहान आदि ने भी इस पुनीत कार्य की सराहना की ।

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