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स्थानीय अनुभवी भारी वाहन चालकों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने

कोरबा। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल से आज एसईसीएल परियोजना क्षेत्रों गेवरा़, दीपका, कुसमुंडा एवं कोरबा के छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर स्थानीय भारी वाहन चालकों की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एसईसीएल की विभिन्न खदान परियोजनाओं में वर्षों से कार्यरत स्थानीय भारी वाहन चालक, जिन्होंने लगभग 15 से 20 वर्षों तक विभिन्न खनन कंपनियों के माध्यम से अपनी सेवाएं दी हैं, वर्तमान में बेरोजगारी की गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं। पूर्व में कार्यरत कंपनियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई कंपनियों — पी.एन.सी., सोनू-मोनू, नीलकंठ सहित अन्य ठेका कंपनियों द्वारा बड़ी संख्या में बाहरी वाहन चालकों की नियुक्तियां की जा रही हैं, जबकि स्थानीय अनुभवी एवं प्रशिक्षित चालकों की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। खदान प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं एवं परिवारों ने वर्षों तक उद्योगों और परियोजनाओं के विकास में अपना योगदान दिया है, इसलिए रोजगार के अवसरों में उनका प्रथम अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की उपेक्षा से क्षेत्र में असंतोष की स्थिति उत्पन्न होना स्वाभाविक है।

उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि मुख्यालय स्तर से गेवरा़, दीपका, कुसमुंडा एवं कोरबा-मानिकपुर सहित सभी संबंधित परियोजना क्षेत्रों के महाप्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि खदानों में कार्यरत ठेका कंपनियों द्वारा भारी वाहन चालकों की भर्ती में स्थानीय अनुभवी चालकों को प्राथमिकता अनिवार्य रूप से दी जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय बेरोजगारी की समस्या के समाधान तथा औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने के लिए परियोजना प्रबंधन एवं छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के बीच समन्वय स्थापित कर संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर इस विषय का निराकरण किया जाना आवश्यक है।
जयसिंह अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि एसईसीएल प्रबंधन स्थानीय हितों, जनभावनाओं एवं सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक पहल करेगा।

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