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कांग्रेसियों ने पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ.राधाकृष्णन का जन्मदिन सुभाष चौक निहारिका में शिक्षक दिवस के रूप मेंमनाया

कोरबा। देश के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ.राधाकृष्णन का स्मरण शिक्षक दिवस के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा शहर द्वारा सुभाष चौक निहारिका में मनाया गया। इस अवसर पर डॉ. राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके योगदान को भारत के लिये अविस्मरणीय निरूपित किया गया।

शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन ने अकादमिक शिक्षा ग्रहण करने के साथ सामाजिक जीवन के कई वर्ष एक शिक्षक के तौर पर बिताये और असंख्य छात्रों को विद्या दान दिया। उन्होंने इस दौरान आदर्श शिक्षक के रूप में उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके अलावा डॉ. राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति के पद पर कार्य करते हुए देश को बेहतर नेतृत्व प्रदान किया।
पूर्व अध्‍यक्ष नत्‍थु लाल यादव ने डॉ. राधाकृष्णन के बहुआयामी व्यक्तित्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सर्वपल्ली जी के योगदान को सरकार ने पूरी गंभीरता से लेते हुए उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना स्वीकार किया। यह परंपरा अब भी भारतवर्ष में जारी है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि हमारे देश में शिक्षकों का दर्जा सबसे ऊंचा है। गुरु-शिष्य की महान परंपरा का दर्शन कराने का माध्यम शिक्षक दिवस बना हुआ है। शिक्षक पहले भी छात्रों के लिये सम्मानित थे और आज भी उनके प्रति सभी लोगों के मन में यही भावना कायम है।
ग्रामीण अध्‍यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि गुरूकुल की परंपरा आज विद्यालयों के तौर पर बनी हुई है। गुरूजनों का महत्व यथावत बने हुए हैं। व्यक्ति की सफलता की पीछे सबसे बड़ी भूमिका गुरूजनों की होती है जो उन्हें विभिन्न तरीकों से मार्गदर्शन प्रदान करते हैं और लक्ष्य तक पहुँचाने में सहायता करते हैं इसलिए गुरू के ऋण से कभी भी मुक्त नहीं हुआ जा सकता। कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नारायण कुर्रे, ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. राधाकृष्णन, गौतम बुद्ध की तरह हृदय में अपार करुणा रखते थे।

इस मौके पर कुसुम द्विवेदी, सपना चौहान, अर्चना उपाध्‍याय, रवि चंदेल, शशि अग्रवाल, अमृता निषाद, गिरधारी बरेठ, गजानंद साहु, संतोष राठौर, देवीदयाल सोनी, एफ डी मानिकपुरी, महेन्‍द्र थवाईत(गुड्डु) हिमांशु सिंह, सुभद्रा सिंह, रामगोपाल यादव, पालुराम साहु, सनीष कुमार, दुष्‍यंत शर्मा, संतोष यादव, समारू बरेठ, जवाहर निर्मलकर, डॉ.डीआर नेताम, कृपाराम साह आदि ने डॉ. राधाकृष्णन की जीवनी पर प्रकाश डाला।

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