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गेवरा प्रोजेक्ट (PNC कंपनी) में ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, दो गरीब ग्रामीणों से ऐंठे रू.1.05 लाख, पीड़ित भटक रहे दर-दर

रमेश दास (नरईबोध) पर लगे नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठने के गंभीर आरोप

कुसमुंडा एवं हरदीबाजार थानों में शिकायत दर्ज, एनसीआर (NCR) दर्ज कर पुलिस ने सक्षम न्यायालय की शरण में जाने की दी सलाह

कोरबा/हरदीबाजार/कुसमुंडा। जिले में निजी ठेका कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर भोले-भाले ग्रामीण युवाओं को ठगने का मामला सामने आया है। हरदीबाजार एवं कुसमुंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम ढ़ोलपुर निवासी दो गरीब ग्रामीणों नरोत्तम दास एवं प्रदीप महंत ने पी.एन.सी. (P.N.C.) कंपनी के गेवरा प्रोजेक्ट में ड्राइवर पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर कुल रू.1,05,000/- (एक लाख पांच हजार रुपये) की ठगी का आरोप लगाया है ।

पीड़ितों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनावेदक रमेश दास निवासी ग्राम नरईबोध थाना कुसमुंडा/हरदीबाजार के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 174 के तहत असंगेय अपराध की सूचना NCR No. 199/26 एवं 0192/2026 दर्ज की है ।

मामले का विवरण, पीड़ितों की आपबीती

नरोत्तम दास पिता भूखन दास उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम ढोलपुर

  1. नरोत्तम दास के अनुसार अनावेदक रमेश दास ने पी.एन.सी. कंपनी के गेवरा प्रोजेक्ट में ड्राइवर पद पर नौकरी लगवाने का वादा किया था, इसके बदले उसने कुल रू.45,000/- की मांग की ।
  2. प्रार्थी ने दिनांक 02.02.2026 को ऑनलाइन (PhonePe) के माध्यम से रू.45,000/- का भुगतान किया ।
  3. 15 दिनों में नौकरी लगवाने या काम न होने पर पैसा तुरंत लौटाने का भरोसा दिया गया था ।
  4. नौकरी न लगने पर काफी दबाव बनाने के बाद आरोपी ने 23.05.2026 को रू.10,000/- वापस किए लेकिन शेष रू.35,000/- की राशि आज-कल करते हुए दबाकर बैठा है ।

प्रार्थी का कहना है कि वह एक गरीब मजदूर है और उसने ब्याज पर पैसे लेकर दिए थे जिससे वह मानसिक व आर्थिक रूप से अत्यंत परेशान है ।

प्रदीप महंत पिता सुमरन दास महंत उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम ढोलपुर

  1. प्रदीप महंत से भी आरोपी रमेश दास ने उसी कंपनी में ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर रू.60,000/- नकद (Cash) ऐंठ लिए ।
  2. काम न बनने पर आरोपी द्वारा रू.20,000/- नकद तथा 28.05.2026 को रू.20,000/- PhonePe से कुल रू.40,000/- लौटाए गए, लेकिन रू.20,000/- अभी भी बकाया हैं ।

पीड़ित प्रदीप महंत ने बताया कि उसने अपने खेत गिरवी रखकर रमेश दास को पैसे दिए थे ।

कुल ठगी एवं पुलिस की कार्यवाही

दोनों पीड़ितों नरोत्तम दास एवं प्रदीप महंत से आरोपी रमेश दास ने नौकरी के नाम पर कुल रू.1,05,000/- प्राप्त किए थे, जिसमें से आरोपी ने रू.50,000/- वापस किए और कुल रू.55,000/- की बकाया राशि हड़प ली है ।

मामले में हरदीबाजार एवं कुसमुंडा पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर धारा 174 बी.एन.एस.एस. (BNSS) के तहत एनसीआर (NCR) क्रमांक 199/26 कुसमुंडा एवं 0192/2026 हरदीबाजार दर्ज किया है। चूंकि मामला आपसी रुपयों के लेन-देन से जुड़ा पाया गया, इसलिए पुलिस प्रशासन द्वारा पीड़ितों को कानूनी कार्यवाही एवं बकाया राशि वापस पाने हेतु सक्षम न्यायालय की शरण में जाने की सलाह दी गई है ।

पीड़ितों की मांग

गरीब और बेरोजगार पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन व उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि आरोपी रमेश दास पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाए और उनकी मेहनत व गिरवी रखी जमीन से जुटाई गई गाढ़ी कमाई का पैसा वापस दिलाया जाए ।

पुलिस की जनहित में अपील

औद्योगिक क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाने वाले ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:-

  1. किसी भी संस्थान या कंपनी में नौकरी के नाम पर किसी बिचौलिये को नकद राशि न दें ।
  2. किसी भी प्रकार के भुगतान या प्रक्रिया से पहले संबंधित कंपनी के आधिकारिक HR विभाग या अधिकृत स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें ।

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