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EPFO से लेकर क्रेडिट कार्ड तक…5 दिन बाद बदल जाएंगे कई नियम

मुंबई, एजेंसी। जुलाई 2026 की शुरुआत के साथ ही कई वित्तीय बदलाव होने जा रहे हैं। जिनका असर नौकरीपेशा लोगों, टैक्सपेयर्स, पेंशनर्स और क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों पर पड़ेगा। इनमें ITR फाइलिंग की डेडलाइन, EPFO की UPI से PF निकासी, महंगाई भत्ता (DA) और क्रेडिट कार्ड के नए नियम शामिल हैं। 

UPI से आसान हो सकती है PF निकासी

जुलाई में EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म लॉन्च होने की उम्मीद है। इसका मकसद EPFO की डिजिटल सेवाओं को पहले से ज्यादा आसान बनाना है। नए सिस्टम के तहत EPF खाताधारकों को UPI के जरिए तुरंत PF निकालने की सुविधा मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो PF निकालने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी तेज और आसान हो जाएगी।

DA बढ़ने का इंतजार

हर साल जनवरी और जुलाई में केंद्र सरकार महंगाई भत्ते (DA) की समीक्षा करती है। ऐसे में जुलाई 2026 में भी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को DA बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार रहेगा। अगर सरकार बढ़ोतरी करती है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसका लाभ मिलेगा।

HDFC Bank के क्रेडिट कार्ड नियम बदलेंगे

1 जुलाई 2026 से HDFC Bank के Regalia Gold और Diners Club Privilege क्रेडिट कार्ड पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के नए नियम लागू होंगे। नए नियमों के अनुसार Regalia Gold कार्डधारकों को मुफ्त घरेलू एयरपोर्ट लाउंज सुविधा का लाभ लेने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए खर्च करना अनिवार्य होगा।

SBI Card में भी होंगे बदलाव

SBI Card भी 1 जुलाई 2026 से PhonePe SBI Card Purple और PhonePe SBI Card Select Black पर नए नियम लागू करेगा। इसके तहत हर महीने मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स की अधिकतम सीमा तय कर दी जाएगी। बीमा प्रीमियम और अन्य खर्चों के लिए अलग-अलग लिमिट लागू होगी, जबकि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर मिलने वाले अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स भी पहले की तुलना में कम हो जाएंगे।

ITR फाइल करने की डेड लाइन का रखें ध्यान

वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने वाले टैक्सपेयर्स को 31 जुलाई 2026 तक रिटर्न फाइल करना होगा। वहीं, ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने वाले ऐसे करदाता, जिनका टैक्स ऑडिट नहीं होता, वे 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न भर सकते हैं।

समय सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर जुर्माना लग सकता है। साथ ही कुछ टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा और कुछ प्रकार के नुकसान (Loss) को अगले वर्षों में कैरी फॉरवर्ड करने की सुविधा भी खत्म हो सकती है।

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