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मुंबई घटना के बाद एक्शन में FSSAI: बाजारों में फलों की जांच और सैंपलिंग की तेज, विक्रेताओं में हड़कंप

नई दिल्ली, एजेंसी। हाल ही में एक परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने से मौत के बाद  FSSAI अब सख्त हो गए है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सभी राज्यों को बाजारों में बिक रहे फलों की निगरानी और जांच तेज करने के निर्देश जारी किए हैं। जिसके बाद तरबूज, खरबूजा, खीरा बेचने वालों में हड़कंप मच गया है। 

दरअसल,  खाद्य सुरक्षा विभाग अब स्थानीय मंडियों और बाजारों से फलों के सैंपल लेकर लैब में जांच कर रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ जगहों पर फलों को जल्दी पकाने के लिए केमिकल, कृत्रिम रंग या असुरक्षित पदार्थों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा साफ-सफाई में लापरवाही और गलत तरीके से स्टोर किए गए फल भी बीमारी की वजह बन सकते हैं।

जांच एजेंसियों ने कई इलाकों में दुकानदारों और फेरीवालों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्टों में बड़े स्तर पर मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। FSSAI ने लोगों से अपील की है कि फल खरीदने और खाने के दौरान सावधानी बरतें। एजेंसी ने सलाह दी है कि तरबूज और अन्य फलों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं, पहले से कटे हुए फल लेने से बचें और केवल भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदारी करें। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है और फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। 

गौरतलब है कि पिछले महीने मुंबई में एक परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट में मृतकों के शरीर से लिये गये नमूनों तथा उनके द्वारा खाए गए तरबूज के नमूने में चूहे मारने में इस्तेमाल होने वाला ‘जिंक फॉस्फाइड’ पाए जाने की पुष्टि हुई थी।

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