अकलतरा। नगर की बदहाल व्यवस्था को लेकर नगर पालिका के उपाध्यक्ष और पार्षद शास्त्री चौक में धरने पर बैठ गए। सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, विकास कार्यों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच जनप्रतिनिधियों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। धरने में नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। CMO को हटाने की मांग रखी गई। पालिका में सामने आ रही कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कई वार्डों में मूलभूत सुविधाएं लगातार खराब हैं। कहीं सफाई व्यवस्था पर सवाल हैं। कहीं स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। पेयजल को लेकर शिकायतें आ रही हैं। विकास कार्यों को लेकर भी नाराजगी है। उनका सवाल है कि जनता टैक्स और अलग-अलग शुल्क के रूप में नगर पालिका को राशि देती है। इसके बदले साफ-सफाई, रोशनी, पानी, बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिल रहीं।
शास्त्री चौक का धरना सिर्फ विरोध नहीं रहा। यह पालिका की कार्यप्रणाली के खिलाफ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की खुली नाराजगी के रूप में सामने आया। उपाध्यक्ष और पार्षदों ने संकेत दिए कि समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने में मांग रखी गई कि पालिका में होने वाले निर्माण कार्य, खरीदी, भुगतान, टेंडर, दूसरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जांच निष्पक्ष एजेंसी या सक्षम स्तर से हो। वास्तविक स्थिति सामने आए। गड़बड़ी मिले तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। धरने में वार्डों की सफाई की नियमित निगरानी, खराब स्ट्रीट लाइट समय पर दुरुस्त नहीं होने, पेयजल और दूसरी मूलभूत समस्याओं के स्थायी समाधान की जिम्मेदारी, विकास कार्यों की गुणवत्ता और खर्च की निगरानी, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच में देरी जैसे सवाल उठे। अकलतरा में हाल के दिनों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर विरोध के मामले सामने आए हैं। वार्ड 11 में सड़क-नाली की समस्या पर वार्डवासी धरने पर बैठे थे। चक्काजाम तक की स्थिति बनी थी। प्रशासन को लिखित आश्वासन देना पड़ा था। ऐसे माहौल में उपाध्यक्ष और पार्षदों का सड़क पर उतरना बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर हैं। समाधान सिर्फ आश्वासन से होगा या जिम्मेदारी तय कर ठोस कार्रवाई होगी। धरने से उठी आवाज अब प्रशासनिक जवाबदेही तक पहुंच गई है।
