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27 मार्च को कोरबा में उमड़ेगी आस्था की गंगा!

दिव्य श्री हनुमंत कथा के अंतर्गत निकलेगी ऐतिहासिक मातृशक्ति की भव्य कलश यात्रा
कोरबा।
धर्म, आस्था और सनातन संस्कृति के महासंगम का साक्षी बनने जा रहा है कोरबा नगर। दिव्य श्री हनुमंत कथा के पावन अवसर पर आगामी 27 मार्च 2026 को शहर की सड़कों पर श्रद्धा, भक्ति और मातृशक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा, जब विशाल एवं भव्य मातृशक्ति कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर नगरवासियों में जबरदस्त उत्साह और आध्यात्मिक उमंग का वातावरण निर्मित हो चुका है।
मातृशक्ति के नेतृत्व में ऐतिहासिक तैयारी

कलश यात्रा की प्रमुख श्रीमती वैशाली रत्नपारखी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न बस्तियों और वार्डों में लगातार बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों में माताओं एवं बहनों को आयोजन की रूपरेखा से अवगत कराया जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया जा रहा है।
इसी क्रम में बुधवारी क्षेत्र में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। बैठक के दौरान सभी माताओं-बहनों ने 27 मार्च को निकलने वाली इस भव्य कलश यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से गूंजा वातावरण
बैठक के उपरांत सभी उपस्थित माताओं एवं बहनों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ किया। पूरे क्षेत्र में भक्तिरस की ऐसी सरिता बही कि वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। आयोजन की सफलता एवं नगर की सुख-समृद्धि हेतु विशेष प्रार्थना की गई।
केवल धार्मिक आयोजन नहीं, नारी शक्ति का महाजागरण
बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण, आस्था के सुदृढ़ीकरण और नारी शक्ति के सामूहिक जागरण का प्रतीक है। मातृशक्ति से आह्वान किया गया कि वे अपने परिवार, पड़ोस एवं परिचित महिलाओं को भी इस पुण्य अवसर से जोड़ें, ताकि यह कलश यात्रा अभूतपूर्व और ऐतिहासिक स्वरूप धारण कर सके।
समिति की भावपूर्ण अपील
दिव्य श्री हनुमंत कथा समिति, कोरबा ने समस्त मातृशक्ति से आग्रह किया है कि वे अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य कलश यात्रा को सफल बनाएं और कोरबा की धरती पर आस्था का नया इतिहास रचें।
27 मार्च को कोरबा की सड़कों पर जब हजारों माताएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों के साथ निकलेंगी, तब पूरा नगर “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के जयघोष से गूंज उठेगा।

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