रायपुर , एजेंसी। झारखंड पुलिस ने गैंगस्टर अमन साहू (साव) का एनकाउंटर कर दिया है। एक दिन पहले तक अमन रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद था। आरोप ये भी था कि वो जेल से गैंग भी ऑपरेट कर रहा है। इसी के चलते 2021 के बाद से उसे 11 अलग-अलग जेल में शिफ्ट किया गया था।
झारखंड के साथ ही छत्तीसगढ़ में भी हुए फायरिंग की वारदातों में गैंगस्टर अमन के तार जुड़ रहे हैं। ऐसे ही एक मामला राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना इलाके का था। यहां 13 जुलाई 2024 को पीआरए ग्रुप के गेट पर बाइक सवार दो नकाबपोशों ने गोली चलाई।
गैंगस्टर अमन का कनेक्शन, कैसे रायपुर लाया गया और फिर कैसे वापस ले जाने के दौरान उसे एनकाउंटर में ढेर किया गया-

तस्वीर एनकाउंटर के बाद की है, जहां अमन साव के हाथ में हथियार भी दिख रहा है।
पलामू का स्पॉट, जहां पर अमन साव का एनकाउंटर हुआ है।
इस तरह हुआ एनकाउंटर
सोमवार की रात 8:09 बजे गैंगस्टर अमन साव को रायपुर सेन्ट्रल जेल से बाहर निकाला गया। 8.11बजे झारखंड पुलिस की गाड़ी उसे रायपुर सेंट्रल जेल परिसर से लेकर झारखंड के लिए रवाना हुई। पलामू SP रिष्मा रमेशन के मुताबिक, अमन साहू को NIA के एक मामले में ATS की टीम रायपुर जेल से ला रही थी।
जैसे ही स्कॉर्पियो चैनपुर-रामगढ़ रोड़ के अन्हारी ढ़ोढ़ा घाटी पहुंची। अमन साहू के साथियों ने, उसे छुड़ाने के लिए स्कॉर्पियो पर बम फेंका।’
घटना मंगलवार सुबह 9.15 बजे की है। SP रिष्मा रमेशन ने बताया कि, ‘बमबाजी के बाद अमन साहू ने हवलदार राकेश कुमार के हाथ से राइफल छीनकर फायरिंग की कोशिश की, तभी जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया। हवलदार की जांघ में गोली लगी है। उसका इलाज एमएमसीएच पलामू में चल रहा है।’
पहली बार जब रायपुर में गैंगस्टर अमन को पेश किया गया था।
इससे पहले 148 दिन तक रायपुर की जेल में था अमन
तेलीबांधा थाना इलाके में कंस्ट्रक्शन कारोबारी प्रह्लाद राय अग्रवाल पर फायरिंग केस में अमन का नाम आया था। पुलिस ने जांच की तो पता चला, कि अमन झारखंड की चाईबासा जेल में बंद है। रायपुर पुलिस ने कागजी कार्रवाई की और चाईबासा जेल से उसे रायपुर लाने के लिए रवाना हुई।
अमन 20 से ज्यादा अफसरों की कस्टडी में रायपुर लाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया, कि अमन लॉरेंस विश्नोई का करीबी है। पूछताछ में उसने कई और राज भी खोले।
छत्तीसगढ़ के बड़े कारोबारी प्रह्लाद अग्रवाल पर रायपुर में फायरिंग की गई है। हालांकि वे सुरक्षित हैं। भागते वक्त CCTV में आरोपियों की तस्वीर कैद हो गई।
