DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

माँ सर्वमंगला देवी का रोज अलसुबह श्रृंगार का अलौकिक दर्शन

कोरबा। कोरबा की जीवनदायनीय हसदेव के तट पर विराजमान माँ सर्वमंगला देवी का रोज अलसुबह 5.00 बजे श्रंृगार किया जाता है। माता का श्रृंगार करने के बाद श्रद्धालु दर्शन लाभ लेते हैं। माता का श्रृंगार होने के बाद मां का दृश्य अलौकिक होता है। श्रृंगार के समय श्रद्धालु माँ का दर्शन करने लालायित रहते हैं और इस अलौकिक दृश्य को देखने सुबह 5.00 बजे ही माँ के दरबार में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच जाते हैं।


तृतीया पर श्रद्धालुओं का तांता


शारदीय नवरात्रि की तृतीया को आज माँ का दर्शन करने लोगों का तांता लगा रहा। आज तृतीया को माँ सर्वमंगला देवी को माँ चन्द्रघंटा स्वरूप के रूप में पूजा अर्चना की गई। माँ चन्द्रघंटा को दोपहर 12.00 बजे उनका प्रिय भोग गाय का दूध, खीर और फल अर्पण किया गया। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक एवं पुजारी नमन पाण्डेय ने बताया कि माँ चन्द्रघंटा की पूजा करने से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और जो भी मनोभाव से माँ चन्द्रघंटा स्वरूपा के रूप में माँ सर्वमंगला माँ की पूजा करते हैं, उनके परिवार में हर तरह की सुख सुविधा आती है और धन की कमी नहीं होती।


कल और परसों माँ कुष्माण्डा देवी पूजा
इस नवरात्रि चतुर्थी दो दिन की रहेगी और कल और परसों माँ कुष्माण्डा देवी स्वरूप की पूजा की जाएगी। माँ कुष्माण्डा की पूजा अर्चना करने से शत्रुनाश का फल प्राप्त होता है।

Exit mobile version