मुंबई, एजेंसी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) का सीधा असर अब आपकी जेब और निवेश पर पड़ने लगा है। वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है। इस संकट ने निवेशकों को एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की ओर मोड़ दिया है।
वेनेजुएला संकट: क्यों दहल गया बाजार?
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई (ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व) की घोषणा की। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है। रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए हमले की कड़ी निंदा की है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार और भारी सोने के भंडार वाले देशों में से एक है। वहां अस्थिरता का मतलब है वैश्विक ऊर्जा और धातु आपूर्ति में रुकावट।

सोने-चांदी की कीमतों में उछाल
साल 2026 की शुरुआत ही कीमती धातुओं के लिए शानदार रही है। सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग ने कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।
- इंटरनेशनल मार्केट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,370 प्रति औंस के स्तर को पार कर चुका है। जानकारों का मानना है कि यह जल्द ही $4,500 से $5,000 के रेंज में पहुंच सकता है।
- चांदी की चमक: चांदी भी $73 के पार ट्रेड कर रही है। औद्योगिक मांग और सप्लाई रूट में बाधा (पेरू और चाड जैसे देशों से निर्यात प्रभावित होने की आशंका) के चलते इसमें 2% से ज्यादा की बढ़त देखी गई है।
भारत में सोने के ताजा भाव (4 जनवरी 2026)
अंतरराष्ट्रीय हलचल के बावजूद घरेलू बाजार में कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है। शनिवार 3 जनवरी को कीमतें कुछ इस प्रकार दर्ज की गईं:
शुद्धता
कीमत (प्रति ग्राम)
बदलाव
24 कैरेट (शुद्ध सोना)
रू.13,582
रू.38 की गिरावट
22 कैरेट (जेवर सोना)
रू.12,450
रू.35 की गिरावट
18 कैरेट (लो-कैरेट)
रू.10,187
रू.28 की गिरावट
विशेषज्ञों की राय: ब्रिकवर्क के राजीव शरण और वेल्थ के डायरेक्टर अनुज गुप्ता का मानना है कि सोमवार (5 जनवरी) को बाजार खुलते ही सोने, कच्चे तेल और बेस मेटल्स की कीमतों में तेज उछाल (Gap-up opening) देखने को मिल सकता है।