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सोना ₹1,196 महंगा होकर ₹1.21 लाख पर पहुंचा:इस साल अब तक सोने की कीमत 44,653 रुपए बढ़ी, चांदी 63,125 रुपए महंगी हुई

नई दिल्ली,एजेंसी। सोने-चांदी के दाम में आज 31 अक्टूबर को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम सोना 1,196 रुपए बढ़कर 1,20,815 रुपए हो गया है।

कल सोने की कीमत 1,19,619 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसी महीने 17 अक्टूबर को सोने ने 1,30,874 रुपए का ऑलटाइम हाई बनाया था। तब से इसका भाव 10,059 रुपए गिर चुका है।

वहीं, चांदी 2,359 रुपए बढ़कर 1,49,142 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। 30 अक्टूबर को इसकी कीमत 1,46,783 प्रति किलोग्राम थी। इसी महीने चांदी 1,78,100 रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से इसकी कीमत 28,958 रुपए कम हो चुकी है।

IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।

इस साल सोना रू.44,653 और चांदी रू.63,125 महंगी हुई

  • इस साल अब तक सोने की कीमत 44,653 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,20,815 रुपए हो गया है।
  • चांदी का भाव भी इस दौरान 63,125 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 1,49,142 रुपए प्रति किलो हो गई है।

सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

शहरों में सोने के अलग दाम होने की 4 वजह

1. ट्रांसपोर्टेशन के खर्चे: सोना एक फिजिकल चीज है, तो इसे ले जाने में खर्चा लगता है। ज्यादातर आयात हवाई जहाज से होता है। फिर सोने को अंदरूनी इलाकों तक पहुंचाना पड़ता है। ट्रांसपोर्टेशन के खर्चे में फ्यूल, सिक्योरिटी, गाड़ी, स्टाफ का पैसा वगैरह शामिल होता है।

2. सोने की खरीदारी की मात्रा: सोने की डिमांड शहर और राज्य के हिसाब से अलग-अलग होती है। साउथ इंडिया में भारत की कुल सोने की खपत का करीब 40% हिस्सा है। यहां सेलर्स बल्क में सोना खरीदते हैं जिससे दाम कम होते हैं। वहीं टियर-2 शहरों में दाम ज्यादा।

3. लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: जैसे तमिलनाडु में सोने का रेट ज्वेलर्स एंड डायमंड ट्रेडर्स एसोसिएशनतय करता है। इसी तरह देशभर में कई और एसोसिएशन हैं जो दाम तय करते हैं।

4. सोने का खरीद मूल्य: ये सबसे बड़ा फैक्टर है जो अलग-अलग शहरों में सोने के रेट्स को प्रभावित करता है। जो ज्वेलर्स ने स्टॉक सस्ते में खरीदा हो, वो कम रेट चार्ज कर सकते हैं।

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