मुंबई, एजेंसी। रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद भले ही सोने में हल्की गिरावट दिखाई दी हो लेकिन कीमतें अब भी सवा लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई हैं। इस बीच बैंक ऑफ अमेरिका (BoA) ने गोल्ड को लेकर बड़ा अनुमान जारी किया है। बैंक का कहना है कि 2026 में सोने की औसत कीमत 4,538 डॉलर प्रति औंस रह सकती है, जबकि अनुकूल मैक्रोइकॉनॉमिक परिस्थितियां जारी रहीं तो भाव 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकते हैं। भारतीय बाजार में यह स्तर लगभग रू.1.57 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर होगा। फिलहाल वैश्विक हाजिर कीमतें करीब 4,175 डॉलर प्रति औंस हैं।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, भारत में 24 कैरेट सोना 1,25,342 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। BoA का मानना है कि सोने में ‘ओवरबॉट’ और ‘अंडर-इन्वेस्टेड’ दोनों तरह के संकेत मौजूद हैं, जिसके चलते भविष्य में तेजी की संभावना बनी हुई है।
कीमतें क्यों बढ़ सकती हैं?
BoA के मुताबिक सोने की रफ्तार बढ़ने के पीछे कई प्रमुख वैश्विक कारण हो सकते हैं….
- सरकारों के बढ़ते कर्ज स्तर
- लगातार ऊंची महंगाई
- कम ब्याज दरों का वातावरण
- अमेरिका की गैर-पारंपरिक आर्थिक नीतियों का प्रभाव
- खनिज धातुओं की आपूर्ति में बाधाएं
- चीन से मांग में उतार-चढ़ाव
- इन सभी कारकों के चलते सोने की दीर्घकालिक मांग बढ़ने की संभावना है।
