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हमाल श्रमिकों ने कलेक्टर से की मजदूरी बढ़ाने की मांग:जांजगीर-चांपा में बोले- कम मजदूरी में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित एफसीआई गोदाम में कार्यरत हमाल श्रमिकों ने बढ़ती महंगाई और कम मजदूरी के विरोध में प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। जय श्रीराम हमाल श्रमिक संघ के बैनर तले श्रमिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मजदूरी दरों में वृद्धि की मांग की है।

श्रमिकों का कहना है कि वे पिछले कई सालों से बेहद कम दरों पर काम कर रहे हैं, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में उन्हें स्टेकिंग कार्य के लिए प्रति लॉट (580 बोरी) मात्र 772 रुपए दिए जाते हैं। वहीं रेक में हर बोरी सिर्फ 2 रुपए 20 पैसे का भुगतान किया जाता है।

श्रमिक बोले- परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल

श्रमिकों का आरोप है कि इतनी कम मजदूरी में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी में दिनभर कड़ी मेहनत करने के बावजूद उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी अब चुनौती बन गया है।

मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की मांग

श्रमिक संघ ने अपने ज्ञापन में नए सत्र 2026-27 के लिए मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की मांग रखी है। संघ ने स्टेकिंग दर को बढ़ाकर 2250 रुपए प्रति लॉट करने और रेक में प्रति बोरी 4 रुपए भुगतान तय करने की मांग की है। इसके साथ ही डंपिंग कार्य के लिए वर्तमान 2450 रुपए प्रति लॉट की दर को बढ़ाकर 3000 रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है।

संघ का कहना है कि स्टेकिंग और डंपिंग कार्य को मिलाकर कुल 5250 रुपए प्रति लॉट का भुगतान किया जाना चाहिए, ताकि श्रमिकों को उनके श्रम के अनुरूप उचित पारिश्रमिक मिल सके।

धरना प्रदर्शन की चेतावनी

श्रमिकों ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने और गोदाम परिसर में धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

श्रमिकों ने यह भी कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ऐसे में अब उनके पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

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